'अगर तुम्हें केतन पसंद नहीं है तो अभी बता दो…' यह सवाल सिया गोयल से उसकी मां ने एक बार नहीं, बल्कि कई बार पूछा था. मां पूजा गोयल का दावा है कि हर बार बेटी ने मुस्कुराकर एक ही जवाब दिया कि मम्मी, मुझे केतन पसंद है… मैं उसी से शादी करना चाहती हूं. यही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसकी जिंदगी में कोई दूसरा नहीं है.
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच में पुलिस जिस कथित साजिश की कहानी सामने रख रही है, उसने हर किसी को चौंका दिया है. पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर वारदात की योजना बनाई थी. दूसरी ओर, सिया की मां आज भी यही कह रही हैं कि उन्हें चेतन के साथ सिर्फ दोस्ती की जानकारी थी, किसी प्रेम संबंध की नहीं. अब जांच अधिकारियों के लिए बड़ा सवाल यही है कि क्या सिया ने अपने ही परिवार से सच छिपा रखा था, या फिर कहानी कुछ और है?
'हमें सिर्फ दोस्ती की जानकारी थी'
सिया गोयल की मां पूजा गोयल का कहना है कि उनकी बेटी और चेतन चौधरी की पहचान एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी. परिवार को मालूम था कि दोनों एक-दूसरे को जानते हैं, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य दोस्ती से ज्यादा कभी नहीं माना. उनके मुताबिक, सिया ने कभी यह नहीं बताया कि चेतन के साथ उसका कोई प्रेम संबंध है. पूजा गोयल बताती हैं कि जब भी शादी की बात आगे बढ़ी, उन्होंने बेटी से खुलकर पूछा कि क्या वह इस रिश्ते से खुश है. उनका दावा है कि सिया ने हर बार यही कहा कि उसे केतन पसंद है, वह शादी के लिए पूरी तरह तैयार है और उसकी जिंदगी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है. यहीं से कहानी सबसे बड़ा मोड़ लेती है. क्योंकि जिस बेटी की बात पर परिवार ने आंख बंद करके भरोसा किया, आज उसी पर पुलिस गंभीर आरोपों की जांच कर रही है.
गोवा की शादी से शुरू हुई थी इस रिश्ते की कहानी
सिया के पिता प्रवीण गोयल बताते हैं कि यह रिश्ता किसी मैट्रिमोनियल वेबसाइट या रिश्तेदार की सिफारिश से नहीं, बल्कि एक पारिवारिक शादी समारोह से शुरू हुआ था. गोवा में आयोजित एक विवाह समारोह में किसी ने पहली बार सिया को देखा और उसके बारे में जानकारी ली. उस समय परिवार का जवाब साफ था कि बेटी अभी केवल 19 साल की है और शादी की कोई जल्दबाजी नहीं है. कुछ समय बाद कर्जत में एक और पारिवारिक समारोह हुआ. वहीं अग्रवाल परिवार की ओर से दोबारा रिश्ते की बात उठी. रिश्तेदारों ने भी कहा कि परिवार अच्छा है और ऐसा रिश्ता बार-बार नहीं मिलता. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत आगे बढ़ी. प्रवीण गोयल के मुताबिक, उन्होंने पहले अपनी पत्नी पूजा गोयल से चर्चा की और फिर परिवार की सहमति से इस रिश्ते को आगे बढ़ाया. दोनों परिवार मिले, बातचीत हुई और आखिरकार रिश्ता तय हो गया.
11 फरवरी को पहली मुलाकात, 19 फरवरी को रोका
रिश्ता तय होने के बाद सब कुछ सामान्य तरीके से आगे बढ़ा. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की औपचारिक मुलाकात हुई. इसके आठ दिन बाद, 19 फरवरी को रोका समारोह संपन्न हुआ. नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में भव्य शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी. परिवार शादी की तैयारियों में जुट चुका था. रोका समारोह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें केतन और सिया मुस्कुराते हुए एक-दूसरे को अंगूठी पहनाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में दोनों सामान्य और खुश नजर आते हैं. यही वजह है कि अब यह वीडियो भी जांच और चर्चाओं का हिस्सा बन गया है.
'मैंने चेतन को कभी देखा तक नहीं'
प्रवीण गोयल का कहना है कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उनका दावा है कि उन्होंने न कभी उससे मुलाकात की और न ही उससे बातचीत की. उनके अनुसार, यदि उन्हें बेटी के किसी अन्य रिश्ते के बारे में पता होता तो शायद हालात अलग होते. उनका कहना है कि परिवार ने कभी यह महसूस नहीं किया कि सिया किसी दुविधा में है या शादी को लेकर असहज है.
दोनों खुश दिखाई देते थे
पूजा गोयल कहती हैं कि रोका होने के बाद केतन और सिया नियमित रूप से बातचीत करते थे. दोनों परिवारों का आना-जाना था. सिया कई बार अग्रवाल परिवार के घर भी गई. पूजा-पाठ और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल हुई. उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि दोनों के बीच किसी प्रकार का तनाव या विवाद है. उनके शब्दों में, अगर बेटी ने एक बार भी कहा होता कि वह यह शादी नहीं करना चाहती, तो हम कभी उस पर दबाव नहीं डालते.
दूसरी तरफ पुलिस जांच की कहानी
परिवार के इन दावों के बीच पुलिस जांच एक अलग तस्वीर पेश कर रही है. जांच अधिकारियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी पिछले करीब छह महीने से लगातार संपर्क में थे. पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच 2004 बार फोन पर बातचीत हुई और करीब 238 घंटे तक दोनों ने एक-दूसरे से बात की. कई कॉल दो-दो और तीन-तीन घंटे तक चलीं. पुलिस का मानना है कि इतनी लंबी और लगातार बातचीत केवल सामान्य मित्रता तक सीमित नहीं हो सकती. हालांकि, इसका अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा. पुलिस के अनुसार, 18 जून की घटना से एक दिन पहले सिया और चेतन पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मिले थे. जांच एजेंसियों का दावा है कि वहीं कथित तौर पर पूरी योजना पर चर्चा हुई. पुलिस का यह भी कहना है कि लोहगढ़ किले की जानकारी सिया ने इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से चेतन तक पहुंचाई थी. इससे पहले 31 मई को वह वहां जा चुकी थी. जांच एजेंसियां इसे संभावित रेकी के रूप में भी देख रही हैं.
CCTV और 48 मिनट का रहस्य
जांच के दौरान पुलिस को सबसे अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला. फुटेज में एक युवक हूडी पहनकर किले की ओर जाता दिखाई दिया. पुलिस का कहना है कि जब पूरे घटनाक्रम का समय निकाला गया तो पता चला कि वह व्यक्ति केवल 48 मिनट में ऊपर जाकर वापस लौट आया. अधिकारियों का अनुमान है कि चढ़ाई और उतराई का समय निकाल दें तो वह किले के ऊपरी हिस्से में केवल 8 से 10 मिनट ही रुका. पुलिस के मुताबिक, यही बात उन्हें असामान्य लगी और यहीं से जांच की दिशा बदल गई. पुलिस का कहना है कि शुरुआत में सिया ने बताया था कि फोटो खींचते समय केतन का संतुलन बिगड़ा और वह खाई में गिर गया. लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उसने दूसरा बयान दिया. उसने कहा कि वह थक गई थी, पानी मांगा और बोतल देते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया. पुलिस के अनुसार, दोनों बयानों में अंतर ने जांच को नई दिशा दी. इसके बाद कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई.
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में
मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए वडगांव अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है. यह मामला अब केवल एक हत्या की जांच नहीं रह गया है. एक तरफ मां कह रही है कि बेटी ने हर बार शादी के लिए हामी भरी, चेतन को सिर्फ दोस्त बताया और कभी किसी दूसरे रिश्ते का जिक्र नहीं किया. दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच लगातार संपर्क था और कथित साजिश पहले से तैयार की गई थी.