शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नोटबंदी को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि केंद्र के नोटबंदी का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हुआ क्योंकि लोग बैंक की कतारों में मर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवादियों का हमला अब भी जारी है.
मुंबई के एक समारोह में ने कहा कि जवानों ने दुश्मन की गोलियों का सामना किया और देश की सेवा की लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपना धन नहीं मिल पा रहा है. यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब वे खुद की गोलियों से मर रहे हैं.
इंदिरा गांधी के नोटबंदी को लागू न किए जाने पर पीएम मोदी के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि 1978 में मोरारजी देसाई ने नोटबंदी का फैसला लिया था लेकिन उसके बावजूद तब इकॉनमी बेहतर क्यों नहीं हुई थी?
... Morarji Desai adopted demonetisation in 1978, why did the economy not resurrect then?: Shiv Sena Chief Uddhav Thackeray
— ANI (@ANI_news)
प्रमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने हाल में कहा था कि इंदिरा गांधी ने 1971 में नोटबंदी के फैसले को लागू नहीं किया क्योंकि उनमें इस फैसले को लागू करने की हिम्मत नहीं थी.
PM Modi said Indira Gandhi ignored advice to demonetise in 1971 & hence our economy suffered..(ctd): Shiv Sena Chief Uddhav Thackeray
— ANI (@ANI_news)
ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा करते हुए बीजेपी ने कहा था कि इससे आतंकवादी हमले खत्म हो जाएंगे लेकिन क्या यह हुआ? हमारे जवान पहले की तरह शहीद हो रहे हैं. आम आदमी को होने वाली कठिनाइयों को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए शिवसेना प्रमुख ने इस फैसले के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए.