scorecardresearch
 

देवेंद्र फडणवीस का 'बड़ा बम', नवाब मलिक का 'हाइड्रोजन बम': किसके क्या आरोप? जानें सब

महाराष्ट्र में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता नवाब मलिक के बीच 'अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन' को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. फडणवीस ने जहां मलिक पर दाऊद के करीबियों से जमीन खरीदने का आरोप लगाया तो वहीं मलिक ने फडणवीस पर अंडरवर्ल्ड के लोगों को कमीशन का चेयरमैन बनाने का आरोप लगाया.

X
देवेंद्र फडणवीस और नवाब मलिक (फाइल फोटो) देवेंद्र फडणवीस और नवाब मलिक (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अंडरवर्ल्ड लिंक को लेकर भिड़े फडणवीस-मलिक
  • फडणवीस ने अंडरवर्ल्ड से लिंक का आरोप लगाया
  • मलिक बोले- अंडरवर्ल्ड के लोगों को सरकारी कमीशन में जगह दी

क्रूज ड्रग्स केस को लेकर महाराष्ट्र में शुरू हुई सियासी लड़ाई अब 'अंडरवर्ल्ड' तक आ पहुंची है. कल पूर्व सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने 'बड़ा बम' फोड़ते हुए मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड से लिंक होने के आरोप लगाए. तो आज नवाब मलिक ने 'हाइड्रोजन बम' फोड़ते हुए आरोप लगाया कि फडणवीस ने सीएम रहते अंडरवर्ल्ड के लोगों को सरकारी कमीशन और बोर्ड में जगह दी. 

बड़ा बमः फडणवीस के मलिक पर 5 बड़े आरोप

- सरदार शाह वली खान और मोहम्मद सलीम पटेल का जिक्र किया. सरदार शाह वली खान 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का गुनेहगार है और उसे उम्रकैद की सजा मिल चुकी है. वहीं, मोहम्मद सलीम पटेल दाऊद इब्राहिम का आदमी है. 

- कुर्ला में तीन एकड़ की एक जगह है जिसे गोवा वाला कंपाउंड कहा जाता है. इस जमीन की रजिस्ट्री सोलिडस नाम की कंपनी पर हुई. इस जमीन की बिक्री सरदार शाह वली खान और मोहम्मद सलीम पटेल ने की. 

- जिस सोलिडस कंपनी को ये जमीन बेची गई, उसके मालिक नवाब मलिक के बेटे फराज मलिक हैं. इस जमीन की कीमत काफी ज्यादा है लेकिन इसे 30 लाख में खरीदा गया, जिसमें से सिर्फ 20 लाख रुपये दिए गए. 

- नवाब मलिक बताएं कि सौदे के वक्त (2005) में वो मंत्री थे तो सौदा कैसे हुआ? मुंबई के गुनाहगारों से जमीन क्यों खरीदी?  

- इन दोषियों पर उस वक्त टाडा लगा था. कानून के मुताबिक, टाडा के दोषी की संपत्ति सरकार जब्त करती है. क्या टाडा के आरोपी की जमीन जब्त ना हो, इसलिए ये आपको ट्रांसफर की गई?

ये भी पढ़ें-- परमवीर, वाजे और दाऊद कनेक्शन... कौन है गैंगस्टर रियाज भाटी? जिसे लेकर नवाब मलिक और फणडवीस में ठनी

हाइड्रोजन बमः मलिक के फडणवीस पर 5 बड़े आरोप

- मुन्ना यादव नाम का व्यक्ति जो नागपुर का गुंडा है, जिसपर हत्या से लेकर सभी तरह के मामले दर्ज हैं. उसे आपने कंस्ट्रक्शन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया था. हैदर आजम नाम के नेता को फडणवीस ने फाइनेंस कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष बनाया था. जबकि वह बांग्लादेश के लोगों को मुंबई में बसाने का काम करता है.

- देवेंद्र के इशारे पर महाराष्ट्र में उगाही का काम हो रहा था. चाहे वह मामला बिल्डर्स का हो या फिर झगड़े सुलझाने का, सब में उगाही की जाती थी. ये भी कहा गया कि अगर विदेश से अंडरवर्ल्ड का फोन आ जाता था तो पुलिस भी मामला रफा-दफा कर देती थी.

- 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी हुई, उसके बाद देशभर से जाली नोट पकड़े गए. लेकिन 8 अक्टूबर 2017 तक महाराष्ट्र में एक भी जाली नोट का मामला सामने नहीं आया था. क्योंकि तब सीएम देवेंद्र के प्रोटेक्शन में जाली नोट का खेल चल रहा था. 8 अक्टूबर 2017 को एक छापेमारी हुई, इसमें 14 करोड़ 56 लाख रुपये के जाली नोट पकड़े गए. उस मामले को रफा दफा देवेंद्र फडणवीस ने कराया था.  

- इस मामले में इमरान आलम शेख और रियाज शेख को पकड़ा गया था. आरोपी को कुछ ही वक्त में जमानत कैसे मिल गई, मामला NIA को क्यों नहीं दिया गया. इमरान आलम शेख अल्पसंख्यक कमीशन के चेयरमैन हाजी अरबाज शेख का छोटा भाई था. कहा गया कि हाजी अरबाज को दलबल कराके देवेंद्र फडणवीस ने चेयरमैन बनाया था.

- देवेंद्र फडणवीस बताएं कि रियाज भाटी कौन है, जाली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था. उसपर दाऊद इब्राहिम आदि के साथ संबंध की खबरें हैं. डबल पासपोर्ट के साथ आदमी पकड़ा जाए वो दो दिनों में छूट जाता है. वो बीजेपी के कार्यक्रमों में क्यों दिखता था? आपकी डिनर टेबल पर आपके साथ कैसे दिखा? देश के पीएम के कार्यक्रम में वो कैसे पहुंच गया, पीएम के साथ तस्वीरें उसने कैसे खिंचवा लीं?

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें