scorecardresearch
 

पुणे मर्डर: सिया घबराकर बोली- सांप-सांप...जब मंगेतर के मंसूबे भांप गया था केतन

पुणे के लोहगढ़ किले पर हुई 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. जिसे पहले ट्रैकिंग के दौरान हुआ हादसा माना जा रहा था, वह अब कथित हत्या की साजिश के रूप में सामने आया है. परिवार का दावा है कि उन्हें शुरुआत से ही घटना पर संदेह था और कई संकेत पहले से मौजूद थे.

Advertisement
X
हत्या की पहली कोशिश में ही सब समझ गया था केतन (Photo: itg)
हत्या की पहली कोशिश में ही सब समझ गया था केतन (Photo: itg)

महाराष्ट्र के पुणे स्थित मशहूर पर्यटन स्थल लोहगढ़ किले पर पिछले सप्ताह हुई 26 साल के कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत को पहले एक हादसा माना गया था. घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में डूब गया था. शुरुआती जानकारी में बताया गया कि ट्रैकिंग के दौरान फोटो खिंचवाते समय उनका पैर फिसल गया और वे खाई में गिर गए. लेकिन बीते कुछ दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया. जांच में सामने आया कि यह कथित तौर पर एक सुनियोजित साजिश थी, जिसे केतन की मंगेतर सिया गोयल ने रचा था.

'शुरुआत में ही शक हुआ, ये हादसा तो नहीं है'

आरोप है कि शादी की तैयारियों के बीच सिया ने अपने जन्मदिन के बहाने ट्रैकिंग का कार्यक्रम बनाया और केतन को लोहगढ़ किले पर ले गई. वहीं करीब 350 फीट गहरी खाई में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि केतन को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस मंगेतर के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए वह उसके साथ ट्रैकिंग पर गया है, वही उसके खिलाफ घातक साजिश रच रही है. अब जब मामले की जांच में कई अहम तथ्य सामने आ चुके हैं और सिया पर गंभीर आरोप लगे हैं, तब केतन के परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही इस घटना पर संदेह था और अब सामने आ रही जानकारियों ने उनके शक को और मजबूत कर दिया है.

Advertisement

'सिया के चेहरे पर सिकन तक नहीं'

परिवार के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन खास तरीके से मनाने की बात कहकर वह 18 जून को केतन को लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए ले गई थी.  दोनों सुबह करीब 8:20 बजे वहां के लिए निकले थे. लगभग 10:45 बजे सिया की मां का फोन आया और बताया गया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है. सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. परिवार का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही यह घटना एक सामान्य हादसा नहीं लगी, बल्कि इसके पीछे साजिश और हत्या की आशंका नजर आई. परिजनों के मुताबिक, जब केतन का शव सामने था तब भी सिया के चेहरे पर न तो दुख दिखाई दे रहा था और न ही किसी तरह का शोक. उसका व्यवहार भी उन्हें असामान्य लगा, जिससे उनका संदेह और बढ़ गया.

'पहली कोशिश में समझ गया था केतन लेकिन...'

केतन के पिता विशाल अग्रवाल का आरोप है कि हत्या की कोशिश पहली बार 14 जून को ही की गई थी. उस दिन भी सिया और केतन लोहगढ़ किले पर गए थे और वहां केवल दोनों ही मौजूद थे. आरोप है कि उसी दौरान सिया ने केतन को पीछे की ओर धक्का दिया था. धक्का लगने से केतन खाई की तरफ फिसल गया, लेकिन उसका हाथ झाड़ियों में अटक गया और वह बच गया. परिवार का कहना है कि केतन को उस समय एहसास हो गया था कि उसे जानबूझकर धक्का दिया गया है. हालांकि, स्थिति संभालने के लिए सिया ने तुरंत "सांप, सांप" चिल्लाना शुरू कर दिया और केतन को पकड़कर यह जताने की कोशिश की कि उसने उसे बचाने के प्रयास में धक्का दिया था. परिजनों का दावा है कि उसी दिन केतन की जान लेने की पहली कोशिश की गई थी, जो नाकाम रही.

Advertisement

पैलेस में होनी थी आलीशान शादी

गौरतलब है कि सिया और केतन की शादी अगले महीने जयपुर में होने वाली थी. दोनों परिवार इस विवाह की तैयारियों में पूरे उत्साह के साथ जुटे हुए थे. परिजनों के अनुसार, शादी समारोह के लिए जयपुर के एक भव्य पैलेस को बुक किया गया था. मेहमानों की सुविधा और आवाजाही के लिए दो विशेष विमान भी तय किए गए थे. लेकिन शादी की खुशियों के बीच केतन की मौत ने पूरे परिवार की दुनिया बदलकर रख दी. इस घटना के बाद परिजन, रिश्तेदार और करीबी मित्र गहरे शोक में डूब गए हैं. जिस घर में कुछ दिन पहले तक विवाह की तैयारियों की रौनक थी, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है.
 


 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement