पुणे की 16 साल की लड़की के आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ने की खबर सामने आई है. महाराष्ट्र एटीएस के अनुसार वह पिछले 4 महीनों से इंटरनेट के माध्यम से आईएसआईएस के बारे में जानकारी जुटा रही है. वह श्रीलंका के एजेंट से संपर्क में आई. अगले साल वह सीरिया जाने की योजना भी बना चुकी थी.
पुणे शहर की यह लड़की विदेश के कई लोगों से फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम और ईमेल के जरिए संपर्क में थी. छानबीन के दौरान एटीएस को ये जानकारी मिली.
बदलने लगा था व्यवहार
इन 4 महीनों में उसके व्यवहार में भी बदलाव देखा गया. पहले वह जींस पहनती थी लेकिन अब बुर्का और हिजाब पहनने लगी थी. एटीएस के सूत्रों की मानें तो वो जल्द ही देश छोड़कर आईएसआईएस ज्वॉइन करने वाली थी. लड़की अच्छे परिवार से है. वह कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ी है. एटीएस जानने में लगा हुआ है कि भारत में वह और किसके संपर्क में है.
लड़की हाल ही में राजस्थान से पकड़े गए सिराजुद्दीन के संपर्क में भी थी. पुलिस को दोनों के बीच हुई बातचीत हाथ लगी है. अगले साल आईएसआईएस ने उसे सीरिया आने को कहा. वह भी अगले साल सीरिया जाने की पूरी तैयारी में थी.
पुणे का आईएसआईएस कनेक्शन उस वक्त सामने आया था, जब 10 जुलाई को फ़राशखाना इलाके में लो इंटेसिटी ब्लास्ट हुआ. उस ब्लास्ट में किसी की जान तो नहीं गई, लेकिन जब पुलिस और तो इसके तार सीधे इराक और वहां और चल रही लड़ाई से जुड़ गए. इस ब्लास्ट से जुड़े पहलुओं को खंगालने के दौरान खुफ़िया एजेंसियों को जो कुछ पता चला वो चौंकाने वाला था.
सूत्रों की मानें तो हिंदुस्तान के कई नौजवान ऐसे हैं, जो इराक और सीरिया में मौत का तांडव मचा रहे आईएसआईएस की मदद करने इराक जा पहंचे हैं. पुणे ब्लास्ट की तफ्तीश के सिलसिले में जो बात सामने आई, लगभग वही बात मुंबई के नज़दीक ठाणे के रहनेवाले चार परिवारों ने भी देर-सवेर साफ़ कर दी. जिनके लड़के में शामिल होने के लिए हिंदुस्तान से बाहर जा चुके थे. लेकिन ये आईएसआईएस के इंडिया कनेक्शन का इकलौता मामला नहीं था. बल्कि, आईएसआईएस के इंडिया कनेक्शन की बात तब और साफ़ हो गई जब पिछले 15 सितंबर को यूएई ने चार ऐसे हिंदुस्तानियों को गिरफ्तार कर भारत सरकार के हवाले किया, जिन पर आईएसआईएस से ताल्लुक रखने का शक था.