मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले सियासत एक बार फिर गरमा गई है. एक कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद से मध्य प्रदेश कांग्रेस मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्र सरकार पर हमलावर है. कहा जा रहा है कि वायरल हो रहा ऑडियो इंदौर का है, जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान हाल ही में सांवेर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मिले थे. हालांकि ऑडियो की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
कमलनाथ खेमे का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कथित वायरल ऑडियो में कह रहे हैं कि कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से आदेश मिला था. इस मसले पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा, 'शिवराज जी ने बताया- केन्द्रीय नेतृत्व के कहने पर मप्र सरकार गिराई..! मोदी जी, आपने लोकतंत्र की हत्या की है, या आपके सीएम आदतन लफ्फाजी कर रहे हैं..?'
शिवराज जी ने बताया-
केन्द्रीय नेतृत्व के कहने पर मप्र सरकार गिराई..!
मोदी जी,
—आपने लोकतंत्र की हत्या की है,
या आपके सीएम आदतन लफ़्फ़ाज़ी कर रहे हैं..?
— MP Congress (@INCMP)
इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने बुधवार को इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने खुद बताया है कि कांग्रेस सरकार को किस तरह से गिराया गया है. ये सब केंद्र सरकार के इशारे पर हुआ है. बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने तय किया था कि उन्हें सिंधिया-सिलावट के साथ मिलकर कमलनाथ सरकार गिरानी है.
जीतू पटवारी ने कहा कि कमलनाथ सरकार गिराने के लिए केंद्र ने जान-बूझकर लॉकडाउन घोषित करने में देरी की, जिसकी वजह से आज देश में कोरोना का कहर है. इस महामारी के लिए केंद्र ही दोषी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अब हम विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और राष्ट्रपति से भी अपील करेंगे.
सिंह के ऑडियो ने यह साबित कर दिया की की सरकार षड्यंत्र के तहत गिराई गई। देश मे भी इन्ही लोगो के कारण फैला। यदि समय रहते कदम उठाये गए होते तो आज शायद हालात बदतर नही होते। तब तो को सरकार गिरानी थी।अब में व्यस्त हैं
— Jitu Patwari (@jitupatwari)
इधर, पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से ट्वीट करके कहा गया कि मैं तो शुरू दिन से ही कह रहा था कि बीजेपी ने मेरी बहुमत व जनादेश प्राप्त सरकार को जानबूझकर साजिश-षड्यंत्र व प्रलोभन का खेल रचकर गिराया है क्योंकि मेरी सरकार किसानों का कर्ज माफ कर रही थी, युवाओं को रोजगार दे रही थी, महिलाओं को सुरक्षा देकर उनके सम्मान की रक्षा कर रही थी.
मै तो शुरू दिन से ही कह रहा था कि भाजपा ने मेरी बहुमत व जनादेश प्राप्त सरकार को जानबूझकर साज़िश-षड्यंत्र व प्रलोभन का खेल रच गिराया है क्योंकि मेरी सरकार किसानो का क़र्ज़ माफ़ कर रही थी, युवाओं को रोज़गार दे रही थी , महिलाओं को सुरक्षा देकर उनके सम्मान की रक्षा कर रही थी ,
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— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath)
इस बारे में बीजेपी नेता और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कमलनाथ सरकार किसी के कहने से नहीं बल्कि खुद की नाकामी से गिरी है. वहीं, देर शाम बीजेपी प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने ट्वीट कर कहा कि 'कांग्रेसी मित्रों, कम से कम अपने नेता पर तो भरोसा करो. स्वयं कमलनाथ जी बता चुके हैं कि उनकी सरकार दिग्विजय जी पर विश्वास करने के कारण गिरी......तो आप लोगों को कंफ्यूजन क्यों हैं? कमलनाथ जी आपके प्रदेश अध्यक्ष हैं भाई, कोई मामूली आदमी नहीं हैं.'
बता दें कि मध्य प्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जो दो विधायकों के निधन और 22 विधायकों की कांग्रेस से बगावत करने के बाद खाली हुई हैं. इन 24 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल संभाग से आती हैं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है. यह उपचुनाव तय करेगा कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार और कांग्रेस का सियासी भविष्य क्या होगा?