मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सरकार बनाने की कोशिश शुरू कर दी है. चुनावी नतीजों से गद्गद कमलनाथ ने बुधवार को कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है.
यह बैठक भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में बुधवार शाम 4 बजे होगी. जिसमें कमलनाथ के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, दीपक बाबरिया और विवेक तन्खा समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों को किसी भी तरह के संभावित खरीद-फरोख्त से बचने के बारे में बताया जाएगा और विधायकों की उपस्थिति में कांग्रेस अगली रणनीति तय करेगी.
कमलनाथ या सिंधिया, मुख्यमंत्री कौन?
इसके अलावा कांग्रेस के लिए असली सिरदर्द तय करना है, इसलिए माना जा रहा है कि इस बैठक में सीएम के चेहरे पर भी मुहर लग सकती है. हालांकि जिस तरह से कमलनाथ समर्थकों और सिंधिया समर्थकों के बीच सीएम पद को लेकर शक्ति प्रदर्शन हुआ उससे माना जा रहा है कि कांग्रेस में सीएम पद को लेकर खींचतान हो सकती है. दरअसल, सीएम पद की रेस में दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन होगा लेकिन कमलनाथ का पलड़ा भारी बताया जा रहा है.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने राज्यपाल से समय मांगा
मध्य प्रदेश के नतीजों में कांग्रेस बहुमत के करीब है और सरकार बनाने का दावा पेश कर रही है. राज्य में सरकार बनाने में सक्षम होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने राज्यपाल नंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर समय मांगा है.
Kamal Nath, Congress in Bhopal: With utmost happiness, I wish to inform you that Congress has won clear majority. We have written a letter to the Governor to invite us so that we can prove our majority before him.
— ANI (@ANI)
राज्यपाल की ओर से समय मिलते ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर अपना दावा पेश करेगा.