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MP: बहुमत से दो कदम पहले ही ठिठक गई कांग्रेस, कैसे जुटाएगी जादुई आंकड़ा?

शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीती बीजेपी को कांग्रेस ने इस बार कड़ी शिकस्त दी. बीजेपी सूबे में 109 सीटों पर सिमट गई और वह दूसरे पायदान की पार्टी रही. अब सरकार बनाने के लिए दोनों ही पार्टियां दौड़-भाग में लग गई हैं.

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कमलनाथ के साथ अहमद पटेल ( फाइल फोटो- PTI)
कमलनाथ के साथ अहमद पटेल ( फाइल फोटो- PTI)

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस पार्टी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. पार्टी ने छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता से बेदखल कर दिया है, वहीं राजस्थान में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए सत्ता के दरवाजे खुल चुके हैं और यहां घोषित फाइनल नतीजों के मुताबिक 230 सीटों में से कांग्रेस को 114 सीटों पर जीत मिली है. कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 2 सीट दूर है जिसे जुटाना उसके लिए मुश्किल नजर नहीं आ रहा.

कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतती आ रही बीजेपी को 109 सीटों पर समेट दिया. सरकार बनाने के लिए दोनों पार्टियां दौड़-भाग में लग गई हैं. हालांकि कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है तो उसे बहुमत साबित करने का मौका पहले दिया जा सकता है. लेकिन इसमें एक पेंच भी है. अगर गैर बीजेपी-गैर कांग्रेसी 7 विधायक बीजेपी को समर्थन दे देते हैं तो बड़े गठबंधन के तौर पर राज्यपाल बीजेपी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकती हैं

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साथ को तैयार सपा-बसपा

बहुजन समाज पार्टी को मध्य प्रदेश में 2 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 4 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं. एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में भी गई है. कांग्रेस को बहुमत के लिए 2 सीटों की दरकार है, इनमें एक सीट समाजवादी पार्टी से मिल सकती है. नतीजों के दिन ही सपा के महासचिव रामगोपाल यादव ऐलान कर चुके हैं कि वह जरूरत पड़ने पर कांग्रेस के साथ जाने को तैयार हैं.

दूसरी ओर बीएसपी के सूत्रों से भी खबर है कि मायावती की पार्टी मध्य प्रदेश में बीजेपी के साथ नहीं जाएगी. बीएसपी को मिली 2 सीटों को अगर कांग्रेस के साथ जोड़ दिया जाए तो यही दोनों दल मिलकर बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लेंगे. बताया ये भी जा रहा है कि जीत कर आए निर्दलीय उम्मीदवार भी कमलनाथ के संपर्क में हैं और वह कांग्रेस के साथ जा सकते हैं. ऐसे में देखा जाए तो सपा, बसपा और निर्दलीय अगर कांग्रेस के साथ जाते हैं तो बीजेपी के लिए सभी रास्ते खुद-ब-खुद बंद हो जाएंगे.

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने नतीजों की स्थिति साफ होने से पहले मंगलवार रात को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मिलने का वक्त मांग लिया था. कांग्रेस पार्टी राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहती है. उधर बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी राज्यपाल से मिलने का वक्त मांग चुके हैं.

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हालांकि, राज्यपाल की ओर से कहा गया था कि जबतक चुनाव आयोग सभी सीटों के नतीजे घोषित नहीं कर देता है, तब तक किसी को समय नहीं दिया जाएगा. ऐसे में उम्मीद है कि आज दोनों दलों के नेता अपनी-अपनी सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.

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