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रांची: RSS दफ्तर पर बम फेंकने वाले 3 गिरफ्तार, Video आया सामने, अटैक के पीछे PAK में बैठा शहजाद भट्टी?

झारखंड के रांची में RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एक आरोपी रांची और दो लोहारदगा के रहने वाले हैं. 16 जून की रात हुई इस घटना में दो पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया था.

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16 जून की रात RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था (Photo: ITG)
16 जून की रात RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था (Photo: ITG)

झारखंड के रांची में RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये हमला 16 जून की रात करीब 11 बजकर 35 मिनट पर हुआ था. हमलावरों ने RSS दफ्तर पर दो पेट्रोल बम से हमला किया. एक पेट्रोल बम RSS दफ्तर के गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा पेट्रोल बम दफ्तर की छत पर फेंका गया था.

इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. तीनों ही आरोपी झारखंड के रहने वाले हैं. इनमें से एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी झारखंड के लोहारदगा जिले के रहने वाले हैं. पुलिस ने लोहारदगा से दो आरोपियों को पकड़ा और उनकी एक कार भी बरामद की है.

जांच में सामने आया है कि हमले से पहले RSS दफ्तर की पूरी तरह रेकी की गई थी. यानी हमलावरों ने पहले दफ्तर की निगरानी की और उसके बाद हमले को अंजाम दिया. ये भी पता चला है कि जो पेट्रोल बम इस्तेमाल किए गए, उन्हें वारदात से ठीक पहले ही तैयार किया गया था.

पुलिस की जांच में एक और बड़ी बात सामने आई है कि तीनों आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया गया था. यानी इन्हें सीधे किसी संगठन ने नहीं जोड़ा बल्कि सोशल मीडिया के रास्ते इस साजिश में शामिल किया गया. तीनों आरोपी के नाम हैं - सैफी अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान. सैफी अंसारी ने अपना एक हिंदू नाम भी रखा था - रोहित.

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यह भी पढ़ें: संघ के रांची दफ्तर पर बवाल, RSS का आरोप- पेट्रोल बम से हुआ हमला

इस हमले के पीछे शहजाद भट्टी और ISI से जुड़े एक मॉड्यूल का शक जताया जा रहा है. पुलिस अभी इस एंगल पर भी जांच कर रही है. इसके अलावा शहर में लगातार रेड यानी छापेमारी भी जारी है, ताकि इस मामले से जुड़े बाकी लोगों को भी पकड़ा जा सके.

शुरुआती जांच से ये भी पता चला है कि आरोपी पेट्रोल बम बनाने में पूरी तरह माहिर नहीं थे, बल्कि वो इसे बनाना सीख ही रहे थे. यानी ये कोई बहुत ट्रेंड हमलावर नहीं थे.

पुलिस के मुताबिक मौके से शीशे की बोतलों के टुकड़े भी बरामद हुए थे. फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर बोतलों में मौजूद चीजों की जांच की. बम डिटेक्शन और डिस्पोजल दस्ता भी RSS दफ्तर पहुंचा था. पुलिस के मुताबिक बोतलों में पेट्रोल होने का शक है, लेकिन वहां से कोई IED या बम जैसी कोई विस्फोटक चीज नहीं मिली है.

तीन आरोपियों में से एक आरोपी का नाम अमन अंसारी है. अमन अंसारी दुबई काम करने गया था. दुबई में एक केस में वो दुबई की जेल में बंद था उसी दौरान ISI ऑपरेटिव के संपर्क में आया. अमन अंसारी RSS दफ्तर पर हमले का मास्टरमाइंड हैं जो सीधा हैंडलर्स के संपर्क में था. 

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हमले का आरोपी हिरासत से भागा, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली

RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी सैफ ने हिरासत से भागने की कोशिश की. वह कोतवाली थाने से बाथरूम जाने के बहाने फरार हो गया. पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और मंडल टोल प्लाजा के पास उसे घेर लिया. इस दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे फिर अपने कब्जे में ले लिया.


पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने क्या कहा?

इस हमले को लेकर सियासत भी गरमा गई है. बीजेपी के बड़े नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे झारखंड में JMM सरकार की वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति का नतीजा बताया है. 

रघुबर दास खुद RSS दफ्तर पहुंचे और राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने झारखंड के डीजीपी से भी इस मामले में बात की और मांग की कि एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर दोषियों को पकड़ा जाए और उनकी पूरी साजिश का पता लगाया जाए. रघुबर दास ने इस हमले को राष्ट्रवाद पर हमला बताते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते जेहादियों को खुली छूट दी गई है, जिसका नतीजा ये हमला है.

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