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पंपोर अटैक: CRPF के DG ने रक्षा मंत्री के उलट दिया बयान, कहा- SOP का पालन हुआ था

पर्रिकर ने कहा था, ‘उन्हें संदेह है कि एसओपी का उचित तरीके से पालन किया गया.’ उन्होंने कहा था कि स्पष्ट तस्वीर जांच के बाद उभरेगी. सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि पंपोर में एसओपी को फॉलो किया था, फिर भी अगर कोई दिक्कत रह गई है तो हम दोबार रिव्यू करेंगे.

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सीआरपीएफ के महानिदेशक के. दुर्गा प्रसाद ने सोमवार को पंपोर अटैक को लेकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के उलट बयान दिया. प्रसाद ने कहा कि सीआरपीएफ जवानों ने पंपोर हमले के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) का पालन किया था, जबकि रविवार को रक्षा मंत्री ने इस बात पर संदेह जताया था कि जम्मू कश्मीर के पंपोर में बस से जा रहे सीआरपीएफ जवानों पर आतंकवादियों के हमले के पीछे कहीं कोई सुरक्षा खामी तो नहीं थी.

पर्रिकर ने जताया था एसओपी के पालन पर संदेह
पर्रिकर ने कहा था, ‘उन्हें संदेह है कि एसओपी का उचित तरीके से पालन किया गया.’ उन्होंने कहा था कि स्पष्ट तस्वीर जांच के बाद उभरेगी. सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि में एसओपी को फॉलो किया था, फिर भी अगर कोई दिक्कत रह गई है तो हम दोबार रिव्यू करेंगे. उन्होंने यह भी बताया, 'हमारे पास इंटरसेप्ट था जिसमे ये जानकारी थी सुरक्षा बल के ऊपर आतंकी हमला कर सकते है. इस बात के लिए तैयार थे पर आतंकि‍यों ने कुछ ही मिनटों में इस पूरी को अंजाम दे दिया.

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5 माइन प्रूफ गाड़‍ियों को जम्मू-कश्मीर भेजा गया
प्रसाद ने कहा कि 1 से 2 मिनट में पूरी घटना हो गई. लोकल सपोर्ट से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि अमरनाथ यात्रा को लेकर खतरा है पर हम इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. प्रसाद के मुताबिक, ऐसी 5 माइन प्रूफ गाड़‍ियों को जम्मू कश्मीर के खतरनाक इलाकों में भेजा गया है, जिनका इस्तेमाल सीआरपीएफ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में करती है.

हेड कॉन्स्टेबल वीर सिंह ने शहीद होने से पहले की 39 राउंड फायरिंग
सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि बस में सवार चार जवानों ने जवाब में तुरंत फायरिंग की थी. उन्होंने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल वीर सिंह ने 39 राउंड और कॉन्स्टेबल सतीश चंद ने आतंकी हमले के जवाब में 32 राउंड फा‍यरिंग की थी. ये दोनों बाद में हो गए. जबकि हेड कॉन्सटेबल पुषपति बुरी तरह घायल हो गए.

सीआरपीएफ जवानों ने की 500 राउंड फायरिंग
सीआरपीएफ के मुताबिक, वीर सिंह और सतीश सिंह ने बहुत बुरी हालत होते हुए भी दम तोड़ने से पहले लगातार फा‍यरिंग की. शहीद हुए जवानों की बंदूकों से बहुत सारे खाली राउंड मिले हैं. सिर्फ एक मिनट तक चले एनकाउंटर में सीआरपीएफ जवानों ने लगभग 500 राउंड फायरिंग की थी. जबकि आतंकियों ने 2 राउंड फायरिंग की थी और उनके पास से 2 हजार खाली राउंड मिले.

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