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लॉकडाउन के दौरान राशन और ईंधन लेकर दुर्गम करगिल-लद्दाख पहुंचे 900 ट्रक

इस दुर्गम इलाके में लगभग डेढ़ लाख लोग रहते हैं. ट्रकों के सहारे ही आपूर्ति पर निर्भर इस इलाके में तापमान भी बड़ी बाधा है. आईटीबीपी के जवानों ने माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी आवागमन को सुगम बनाया.

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ITBP के जवानों ने किया सहयोग
ITBP के जवानों ने किया सहयोग

  • आईटीबीपी जवानों ने किया एस्कॉर्ट
  • जगह-जगह पॉइंट बनाकर की स्क्रीनिंग

कोरोना वायरस की महामारी के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की किल्लत नहीं होने देने का सरकार ने भरोसा दिलाया था. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दुर्गम इलाकों में भी प्रशासन और सुरक्षाबलों ने भी अहम भूमिका निभाई. सुरक्षाबलों ने भी दुर्गम मार्ग पर एस्कॉर्ट कर आवश्यक वस्तुएं लेकर जा रही ट्रकों को कड़ी सुरक्षा में उनके गंतव्य तक पहुंचाया.

इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आइटीबीपी) ने पिछले 21 दिन में जोजिला से करगिल और लद्दाख तक दुर्गम सड़क मार्ग पर लगभग 900 ट्रकों को एस्कॉर्ट कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया. इनमें तेल के टैंकर और खाद्य सामग्री से भरे हुए भारी वाहन शामिल थे. इस लॉक डाउन के दौरान भी इन इलाकों में खाद्य सामग्री, ईंधन और दैनिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए जरूरी अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की भरपूर उपलब्धता रही.

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बताया जाता है इस दुर्गम इलाके में लगभग डेढ़ लाख लोग रहते हैं. ट्रकों के सहारे ही आपूर्ति पर निर्भर इस इलाके में तापमान भी बड़ी बाधा है. आईटीबीपी के जवानों ने माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी आवागमन को सुगम बनाया. आईटीबीपी ने इस दौरान सुरक्षा के साथ ही स्वास्थ्य की सुरक्षा का भी खयाल रखा.

अलग-अलग स्थानों पर स्क्रीनिंग पॉइंट्स बनाकर चालकों और अन्य स्टाफ की स्क्रीनिंग का भी प्रबंध किया. सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया. बता दें कि कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़े. जम्मू कश्मीर में भी मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी. कोरोना वायरस का फैलाव रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया.

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