दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली काला भालू आबादी वाले इलाके में घुस आया और एक दुकान में जाकर छिप गया. वन्यजीव विभाग की टीम ने काफी कोशिशों के बाद भालू को सुरक्षित पकड़ लिया और बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पिछले कई दिनों से कोकेरनाग के गांव में काले भालुओं के आने से लोग दहशत में थे. गांव के लोगों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से लगातार भालू को गांव के आसपास देखा जा रहा था. रात के समय भालू घरों के आस-पास नजर आ जाता था, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में काफी डर था.
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कई बार भालू ने पालतू जानवरों पर भी हमला करने की कोशिश की थी. गांव के लोगों ने इस घटना की शिकायत कई बार वन्यजीव विभाग को दी थी. फिलहाल, भालू की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद विभाग ने उसके मूवमेंट पर नजर रखना शुरू कर दिया. वन्यजीव कर्मियों ने इलाके में पिंजरा लगाया और भालू के पैरों के निशानों को ट्रेस किया गया.
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13 अक्टूबर की सुबह भालू गांव की एक बंद दुकान में घुस गया. दुकान के अंदर दुबककर बैठ गया. सुबह जब दुकानदार ने दुकान खोली तो अंदर भालू को देखकर उसके होश उड़ गए और वह पीछे भागा. उसने तुरंत गांव वालों और वन्यजीव विभाग को सूचना दी. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.
सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने सबसे पहले भीड़ को काबू में किया और फिर पूरे इलाके को घेर लिया, ताकि भालू भागकर किसी को नुकसान न पहुंचा सके. काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले भालू को पिंजरे में कैद करने की कोशिश की गई.

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पिंजरे में फंसने के बाद वन्यजीव विभाग के डॉक्टरों ने भालू को ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से बेहोश किया. बेहोश होने के बाद टीम ने सावधानीपूर्वक भालू को पिंजरे से बाहर निकाला और उसकी मेडिकल जांच की. फिर उसे आबादी से दूर घने जंगल में ले जाकर छोड़ दिया.
इस संबंध में वन्यजीव अधिकारी ने बताया कि भालू पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे उसके जंगल में सुरक्षित रिलीज कर दिया गया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगली जानवर दिखने पर खुद पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत विभाग को सूचित करें. वहीं भालू के पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली. लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे रात में ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे. अब जाकर उनका डर खत्म हुआ है. कश्मीर घाटी में इस समय सेब का सीजन चल रहा है और अक्सर खाने की तलाश में जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं.