गुजरात का मुख्यमंत्री तय होने के बाद अब सभी की नजरें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पर टिक गई हैं. हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के समर्थकों में टकराव की स्थिति है. पार्टी ने सामने यह बड़ी समस्या है. पार्टी जीते हुए विधायक को ही सीएम बनाना चाहती है, लेकिन राज्य में धूमल समर्थक इसके खिलाफ हैं. माना जा रहा है कि अब हिमाचल के सीएम का नाम दिल्ली में तय होगा.
हिमाचल के लिए सीएम का चुनाव करने के लिए शिमला गए पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर दोपहर में दिल्ली बैरंग लौट आए. विरोध के चलते अभी तक सीएम की स्थिति साफ नहीं है. हिमाचल प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है.
पूर्ण बहुमत के साथ जीतकर आई बीजेपी सीएम पद को लेकर फंस गई है. पार्टी ने निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा लेकिन बीजेपी पर्यवेक्षकों के संग हुई बैठक बेनतीजा रही. प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के समर्थकों में जमकर नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन हुआ.
दिल्ली से आए बीजेपी पर्यवेक्षकों केंद्रीय रक्षा मंत्री , नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री पद के दावेदारों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच गुरुवार 21 दिसंबर की शाम को शिमला में हुई बैठक बेनतीजा रही. इस सिलसिले में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की शुक्रवार को बीजेपी सांसदों के साथ बैठक हुई. धूमल के बेटे और पार्टी सांसद अनुराग ठाकुर के पर्यवेक्षकों से नहीं मिलने की खबरों के बीच अनुराग ठाकुर ने सफाई दी कि वे संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली में हैं ऐसे में पर्यवेक्षकों से उनके नहीं मिलने की अटकलें सही नहीं हैं. शुक्रवार को पर्यवेक्षक शिमला से दिल्ली लौट गए. अब बीजेपी संसदीय दल की बैठक में ही सीएम पद पर फैसला होने की उम्मीद है. धूमल समर्थक सीएम पद को लेकर अड़े हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षकों ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, सिराज के विधायक जयराम ठाकुर, शिमला शहरी क्षेत्र के विधायक सुरेश भारद्वाज, पार्टी अध्यक्ष सतपाल सत्ती और नाहन के विधायक डॉक्टर राजीव बिंदल से अकेले में बातचीत की.
धूमल-जयराम समर्थकों के बीच नारेबाजी
शुक्रवार को शिमला में निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक के दौरान भी बाहर प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के समर्थकों की नारेबाजी जारी रही.
जयराम समर्थकों का नारा- 'जय राम जी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं.'
धूमल समर्थकों का नारा- 'पूरा हिमाचल बोल रहा है, धूमल धूमल बोल रहा है.'
Supporters raise slogans in support of Prem Kumar Dhumal outside venue of Core Committee meeting in Shimla; BJP observers Nirmala Sitharaman and Narendra Singh Tomar also present in the meet
— ANI (@ANI)
सीएम की कुर्सी के लिए कभी दौड़ नहीं लगाई: धूमल
ये जाहिर है कि प्रेम कुमार धूमल और उनके समर्थकों ने अभी घुटने नहीं टेके हैं. धूमल से जब यह पूछा गया कि क्या वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं तो उनका जवाब था कि उन्होंने आज तक मुख्यमंत्री पद के लिए दौड़ नहीं लगाई है.
हिमाचल के सीएम को लेकर तीन खेमों में बंटी पार्टी
साफ है मुख्यमंत्री पद को लेकर तीन खेमों में बंटी हुई है. एक तरफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का खेमा, दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का खेमा और अब जयराम ठाकुर का खेमा भी इस दौड़ में शामिल हो गया है.
धूमल के लिए तीन विधायक सीट छोड़ने को तैयार
कुल मिलाकर केंद्रीय पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री के नाम पर एक राय नहीं बना पाए और अब गेंद बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व यानी पार्लियामेंट्री बोर्ड के पाले में है. इसका मतलब है कि हिमाचल के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा दिल्ली से होगी. हालांकि चुनाव हारने के बाद प्रेम कुमार धूमल की दावेदारी कमजोर पड़ी है, लेकिन उनके समर्थक उनको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठना चाहते हैं. इसलिए तीन विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट छोड़ने की घोषणा भी की है.
सीएम के नाम पर फिर होगी बीजेपी की बैठक
केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह विधायकों की राय जानने शिमला आई हैं और मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करेगा.