हरियाणा के हांसी क्षेत्र के सोरखी गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने मानवता और कानून व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में एक युवक को कथित तौर पर पांव बांधकर कुएं में उल्टा लटकाया गया दिखाई दे रहा है. युवक रोता और मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि उस पर मोटर चोरी का आरोप लगाया गया था.
जानकारी के अनुसार, यह घटना करीब दो दिन पुरानी बताई जा रही है, जबकि इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है. वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी शख्स पर चोरी का संदेह था तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए थी. किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है.
फिलहाल पीड़ित युवक बारू हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती है. अस्पताल में उपचार के दौरान उसने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी. बारू का कहना है कि वह खेतों में शौच के लिए गया था. इसी दौरान कुछ लोगों ने उसका पीछा किया और उसे चोर समझ लिया. उसके अनुसार लोगों ने उसे पकड़कर कुएं में उल्टा लटका दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाद में उसे कुएं से बाहर निकाला गया और फिर लाठी-डंडों से मारपीट भी की गई. बारू का कहना है कि उस समय दबाव और डर के कारण उसने चोरी की बात कबूल कर ली थी. उसने बताया कि बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी जान बचाई. बारू ने यह भी कहा कि वह एक दलित परिवार से है, जबकि जिन लोगों ने उसके साथ यह व्यवहार किया, वो स्वर्ण जाति से हैं. उसने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. पीड़ित का कहना है कि उसे न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए.
वहीं दूसरी ओर, सोरखी गांव के सरपंच प्रतिनिधि रामचंद्र का अलग पक्ष सामने आया है. उनके अनुसार युवक बारू को एक खेत में सोलर पैनल से जुड़ी मोटर चोरी करते हुए खेत मालिक ने कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ लिया था. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में खेतों से मोटर चोरी की कई घटनाएं हो चुकी थीं, जिससे किसानों में काफी नाराजगी थी.
ग्रामीणों के मुताबिक, घटना के समय बारू के साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था. हालांकि दूसरा युवक मौके से भागने में सफल रहा, जबकि बारू को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ यह घटना हुई. पीड़ित के अनुसार, घटना दो दिन पहले हुई थी. तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
इस मामले में बास थाना के एसएचओ पवित्र सिंह ने बताया कि थाना और सोरखी चौकी में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई थी. उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित शिकायत की कॉपी रात में प्राप्त हुई है और पूरे मामले की पूछताछ की जा रही है. फिलहाल वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि किसी भी अपराध का फैसला भीड़ नहीं, बल्कि कानून और न्याय व्यवस्था करती है. अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.