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हरियाणा में अमित शाह के बूथ मैनेजमेंट का नया फॉर्मूला

हरियाणा में करीब 15 हजार पोलिंग बूथ हैं. राज्य के हर बूथ से पांच बाइक और दस व्यक्तियों को रैली में बुलाया गया है. इस तरह से प्रदेश भर से 75 हजार बाइकें और डेढ़ लाख कार्यकर्ता सीधे-सीधे इस रैली में शामिल होंगे.

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बाइक रैली (फाइल फोटो)
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बाइक रैली (फाइल फोटो)

बूथ मैनेजमेंट के मामले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को उनकी नई-नई रणनीतियों के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि उन्हें अक्सर सियासी विश्लेषणों में बीजेपी के चाणक्य की उपमा दी जाती है. कल यानी 15 फरवरी को जब शाह हरियाणा के जींद में बाइक रैली निकालेंगे तो लोग उनके बूथ मैनेजमेंट के  एक नए आइडिया को अमल होते देखेंगे.

शाह की बाइक रैली

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जींद में गुरुवार में बाइक रैली करने जा रहे हैं. इस रैली में मनोहर लाल खट्टर सरकार के सभी मंत्री और बीजेपी विधायक व सांसद बाइक पर उनके साथ होंगे. इसे देश की सबसे बड़ी बाइक रैली कहा जा रहा है. अभी तक रेलगाड़ी, ट्रक, बस, ट्रैक्टर और गाड़ियों के जरिए समर्थकों को एकजुट कर रैलियां होती रही हैं लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बाइक पर रैली अपने आप में एक नया प्रयोग लग रहा है.

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हरियाणा में करीब 15 हजार पोलिंग बूथ हैं. राज्य के हर बूथ से पांच बाइक और दस व्यक्तियों को रैली में बुलाया गया है. इस तरह से प्रदेश भर से 75 हजार बाइकें और डेढ़ लाख कार्यकर्ता सीधे-सीधे इस रैली में शामिल होंगे.

मिशन-2019 का आगाज

बीजेपी अध्यक्ष शाह इस बाइक रैली के जरिए मिशन-2019 का आगाज कर रहे हैं. शाह हेलीकाप्टर से जींद पहुंचेंगे और उसके बाद हैलीपैड से रैली स्थल तक उनको बाइक पर जाने का प्लान है. हरियाणा ही नहीं बल्कि देश में पहली बार है कि पार्टी अध्यक्ष इतनी बड़ी संख्या में शामिल बाइकों के साथ रैली निकालेगा. इससे पहले जिला और विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र के स्तर पर बाइक रैलियां होती रही हैं.  

पन्ना प्रमुख कॉन्सेप्ट

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जब से पार्टी की कमान अपने हाथों में ली है, पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए बूथ मैनेजमेंट के कई फॉर्मूले सामने आए हैं.  शाह ने पन्ना प्रमुख का कॉन्सेप्ट पेश किया था. इसके जरिए वोटिंग लिस्ट का एक पन्ना बूथ के एक कार्यकर्ता को सौंपा जाता है. उस वोटर लिस्ट में शामिल सभी वोटर्स को बूथ तक ले जाने और पार्टी के पक्ष में वोट डलवाने का काम उसी प्रमुख पन्ना के पास होता है.

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बीजेपी को जमीनी स्तर मजूबत करने के लिए प्रत्येक बूथ पर 'वन बूथ टेन यूथ' के फार्मूले के तहत शाह ने कमल क्लब के गठन का आगाज किया था. इसके जरिए मंडल स्तर तक की बूथ कमेटियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था. बीजेपी के इस फॉर्मूले को कई और पार्टियों ने भी अपनाया है.

बीजेपी का टिफिन प्लान

बीजेपी ने टिफिन प्लान का आइडिया संघ से लिया है. इस प्लान को पार्टी ने सबसे पहले गुजरात में आजमाया था. इसके जरिए पार्टी ने बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत किया. इसके तहत पार्टी नेता हर बूथ में अपने घर से खाने का टिफिन लेकर जाते हैं और वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हैं तथा उन्हीं के साथ भोजन करते हैं. बीजेपी ने अब देश भर में पार्टी के सांसदों को कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए टिफिन  मीटिंग का आइडिया दिया है.

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