सूरत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया. सूरत से गोवा जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में बोर्डिंग के दौरान एक यात्री ने अचानक विमान का इमरजेंसी एग्जिट गेट खोल दिया. इस घटना से विमान के अंदर मौजूद यात्रियों में अफरातफरी मच गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि उस समय विमान जमीन पर खड़ा था और उड़ान नहीं भरी थी. इस कारण एक बड़ा हादसा टल गया. इमरजेंसी गेट खुलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की दोबारा जांच की गई. इसके चलते फ्लाइट ने निर्धारित समय से कुछ देर बाद उड़ान भरी.
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच हुई. इंडिगो की फ्लाइट सूरत से गोवा जाने के लिए तैयार थी. विमान रनवे पर जमीन पर खड़ा था और यात्रियों की बोर्डिंग चल रही थी. यात्री अपनी-अपनी सीटों पर बैठ रहे थे, जबकि क्रू मेंबर्स उड़ान की अंतिम तैयारियों में जुटे थे. इसी दौरान इमरजेंसी एग्जिट सीट के पास बैठे एक यात्री ने बिना किसी आपात स्थिति और बिना अनुमति के अचानक इमरजेंसी गेट खोल दिया.
सूरत एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी चूक
जैसे ही इमरजेंसी गेट खुलने की जानकारी क्रू मेंबर्स को मिली, उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. संबंधित यात्री को वहीं रोक लिया गया और विमान के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को भी तुरंत जानकारी दी गई. सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में यात्री को हिरासत में ले लिया गया. घटना के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आरोपी यात्री को अपनी हिरासत में लिया. बाद में उसे सूरत के डुम्मस थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यात्री ने इमरजेंसी गेट जानबूझकर खोला था या फिर यह गलती से हुआ.
सूरत एयरपोर्ट के डायरेक्टर ए.एन. शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान उस समय जमीन पर ही खड़ा था और टेकऑफ नहीं हुआ था. बोर्डिंग लगभग पूरी हो चुकी थी और विमान के दरवाजे बंद करने की प्रक्रिया चल रही थी. उन्होंने कहा कि जैसे ही मामला सामने आया, संबंधित यात्री को विमान से उतार दिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया. पूरे मामले की जांच की जा रही है.
CISF ने आरोपी को पुलिस के हवाले किया
एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार, आरोपी यात्री का नाम जितेंद्र मणिया है. प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि वह इमरजेंसी एग्जिट को सिर्फ देख रहा था. उसका कहना है कि उसने दरवाजे को हाथ लगाया और वह खुल गया.पुलिस अब उसके बयान की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह घटना वास्तव में अनजाने में हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी. इमरजेंसी गेट खुलने के बाद विमान की सुरक्षा जांच दोबारा की गई. सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही फ्लाइट को गोवा के लिए रवाना किया गया. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस के साथ एयरपोर्ट प्रशासन भी सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है.