कहा जाता है प्यार अंधा होता है जिसकी वजह से प्रेमी जोड़े अजीबोगरीब फैसले लेते है, ऐसा ही एक मामला गुजरात के सुरत में देखने को मिला है. जहां पर मध्यप्रदेश की मोना और गुजरात के नाबालिग राज को रेलवे स्टेशन से पकडा गया है. मध्य प्रदेश की 21 वर्षीय युवती और राजकोट के 17 वर्षीय नाबालिग को इंस्टाग्राम के जरिए प्यार हो गया. दोनों ने अपने प्रेम में एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम खाई थी. हद तब पार हो गई जब युवती नाबालिग प्रेमी के लिए सूरत तक पहुंच गई. कानून की सीमाओं को पार कर भागे इन दोनों प्रेमियों को सूरत रेलवे पुलिस की शी टीम ने पकड़ लिया.
पहले मुंबई भागी फिर सूरत
पुलिस ने बताया कि मध्य प्रदेश की 21 साल की युवती मोना (नाम बदला है) और राजकोट के वीरपुर का 17 वर्षीय नाबालिग राज (नाम बदला हुआ) डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए दोस्त बने थे. लड़की से पूछताछ के दौरान पता चला कि उनकी मुलाकात करीब डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी और फिर दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए. जब लड़की के परिवार को इस बात का पता चला, तो उन्होंने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी. इसलिए 6 मार्च 2026 को अपने प्रेमी से शादी करने के इरादे से वह बिना किसी को बताए घर से निकलकर मुंबई चली गई. इसके बाद वह सूरत लौट आई, जहां रेलवे पुलिस ने उसे पकड़ लिया.
घर पर नहीं मिला नाबालिग, परिवार ने लिखाई रिपोर्ट
सोशल मीडिया से संपर्क होने के बाद दोनों हर रोज एक-दूसरे से सुख-दुख की बातें करते थे. यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसम खाई. शादी की जल्दबाजी में युवती कानून की अवहेलना करते हुए 6 मार्च को नाबालिग को घर से लेकर भागी. इसी बीच जब नाबालिग घर पर नहीं मिला तो उसके परिवार ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने अपहरण की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने पकड़ा
जांच में पता चला कि नाबालिग का अपहरण मध्य प्रदेश की एक लड़की ने किया था और दोनों सूरत रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे. सूरत रेलवे पुलिस स्टेशन के पीआई और उनकी टीम प्लेटफार्म नंबर 1 पर गश्त कर रही थी. इसी दौरान पुलिस को शक हुआ जब उन्होंने देखा कि एक लड़की और नाबालिग सामान्य प्रतीक्षा कक्ष में घबराए बैठे हैं. पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आई कि नाबालिग राज के लापता होने पर उसके परिवार ने पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज कराया था. सूरत रेलवे पुलिस ने तुरंत राजकोट पुलिस से संपर्क किया और जानकारी प्राप्त की. 9 मार्च की देर रात राजकोट पुलिस की टीम सूरत पहुंची. सूरत रेलवे पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी की और नाबालिग और लड़की को राजकोट पुलिस को सौंप दिया. सूरत रेलवे पुलिस की सतर्कता के चलते एक नाबालिग को उसके परिवार से मिलाने में बड़ी सफलता मिली है.