केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने नई दिल्ली स्थित शांगरी-ला इरोस होटल के रेस्तरां 'मिस्टर चाय' पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगाया है. बताया जा रहा है कि रेस्तरां प्रबंधन ग्राहकों के खाने के बिल में बिना पूछे या सहमति के जबरन 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज (सेवा शुल्क) जोड़ रहा था.
ग्राहकों की आपत्ति और शिकायत पर प्राधिकरण ने यह आदेश जारी किया. सीसीपीए और दिल्ली हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सेवा शुल्क वैकल्पिक होना चाहिए. इसे डिफ़ॉल्ट रूप से बिल में नहीं जोड़ा जा सकता. यानी यह ऐसी जबरिया वसूली है जिसे 'ऑप्ट-आउट' यानी हटाने के लिए ग्राहक को खुद कहना पड़ता है. प्राधिकरण ने इसे अवैध बताया है.
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होटल के प्रवक्ता के अनुसार, उन्होंने अपनी बिलिंग प्रक्रिया की समीक्षा की है. इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 से होटल की सभी सेवाओं में सेवा शुल्क पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
इसके साथ ही सीसीपीए ने रेस्तरां को आदेश मिलने के 15 दिनों के भीतर 1 लाख रुपये जुर्माना भरने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया है.
बता दें, CCPA ने 2022 में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसमें बताया गया था कि रेस्टोरेंट अपने आप या डिफॉल्ट रूप से भोजन के बिल में सेवा शुल्क (Service Charge) नहीं जोड़ सकते हैं, न ही इसे किसी अन्य नाम से छिपाया जा सकता है.
CCPA ने कहा था कि होटल और रेस्तरां को कंज्यूमर को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर करने से भी मना किया गया है और उन्हें साफ तरीके से बताना चाहिए कि यह स्वैच्छिक, वैकल्पिक और पूरी तरह से उपभोक्ता के विवेक पर निर्भर है.