अगर आप अपने बच्चे के इलाज के लिए दिल्ली के कलावती सरन शिशु अस्पताल जाते हैं तो सावधान हो जाइए. पिछले साल इस अस्पताल में 1,345 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है.
एक आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक जनवरी 2013-14 के बीच टीबी और दिमागी सूजन बीमारियों के कारण 1,345 बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इस साल जनवरी में ही 75 बच्चों की मौत अस्पताल में हुई.
यहां औसतन प्रतिदिन 3 बच्चों की मौत होती है. यही नहीं अस्पताल में पेडियाट्रिक्स और नैनोटेक्नॉलजी विभाग में मेडिकल उपकरणों में खराबी है. अस्पताल के पांच में से सिर्फ दो वेंटिलेटर ही काम कर रहे हैं. अस्पताल में 6 में से 4 पेडियाट्रिक्स ही काम कर रहे हैं.
कलावती अस्पताल में बच्चों की जिन बीमारी से मौत होती हैं. उनमें डायरिया, टीबी, अनीमिया, कुपोषण बीमारियां शामिल हैं. आरटीआई से ये भी पता चला है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले ज्यादातर बच्चे ब्रोंकाइट्स बीमारी से पीडि़त होते हैं.