आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अपने टि्वटर अकाउंट पर एक रिपोर्ट का लिंक शेयर किया है. इसमें उन नेताओं के नाम दिए गए हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए धरना दिया था. इस स्टोरी की हेडलाइन है 'केजरीवाल ही एनार्किस्ट क्यों'. ( )
केजरीवाल ने जिस रिपोर्ट का लिंक ट्वीट किया है, उसमें नरेंद्र मोदी समेत कई ऐसे नेताओं का जिक्र किया है, जिन्होंने सीएम रहते हुए धरना या विरोध प्रदर्शन किए.
इन नेताओं का जिक्र है रिपोर्ट में:
1969 : अजॉय मुखर्जी, वेस्ट बंगाल
(38 साल पहले धरना दिया और देश के हर अखबार में सुर्खी बने)
1988 : एन टी रामा राव, आंध प्रदेश
(विपक्ष के प्रदर्शनों को काउंटर करने के लिए धरने पर बैठे)
2006 : नरेंद्र मोदी, गुजरात
(नर्मदा बांध के समर्थन में उपवास किया)
2014 : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
(किसानों के लिए केंद्र से राहत पैकेज की मांग को लेकर भोपाल में धरना दिया)
2014 : किरण कुमार रेड्डी, आंध्र प्रदेश
(अलग तेलंगाना के विरोध में जंतर-मंतर पर धरना दिया)
2014 : चंद्रशेखर राव, तेलंगाना
(सीमांध्र में तेलंगाना के 7 मंडल शामिल करने के विरोध में बंद का ऐलान)
तमिलनाडु के तीन नेताओं- एमजी रामचंद्रा (1982), जयललिता, तमिलनाडु (1993) और करुणानिधि (2009) ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए विरोध प्रदर्शन किए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली में केजरीवाल पर यह कहकर निशाना साधा था कि जिनको जो काम आता है, उन्हें वह काम दीजिए. 'जिन्हें फुटपाथ पर बैठने, धरना देने की आदत और मास्टरी हो, उन्हें वह मास्टरी करने दें और हमारी मास्टरी अच्छी सरकार बनाने की है, हमें वह करने दें.' मोदी ने तो यहां तक कह दिया कि जो अराजक हैं, वे नक्सली के पास चले जाएं.
उन्होंने AAP या केजरीवाल का नाम लिए बिना दिल्ली की जनता से अपील की थी कि जिन लोगों ने दिल्ली का एक साल बर्बाद और तबाह किया उन्हें ऐसी सजा दें कि वे फिर नहीं पनप पाएं.
केजरीवाल ने जिस स्टोरी का लिंक दिया है, उस रिपोर्ट में बंगाल के पूर्व सीएम अजॉय मुखर्जी, आंध्र के पूर्व सीएम रामा राव, एमजी रामचंद्रन, करुणानिधि, जयललिता के धरने का जिक्र किया गया है. इसके अलावा रिपोर्ट में इन नेताओं के धरने को लेकर छपी खबरें की कटिंग भी पोस्ट में दिखाई गई हैं.
अरविंद केजरीवाल का ट्वीट-
Interesting
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)