इस 'जंग' की सुबह नहीं. दिल्ली की राजनीति से जो संदेश निकलकर आ रहा है, वह बिल्कुल यही कह रहा है. दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बनाम एलजी नजीब जंग के विवाद में अब तक निकला है. कानून और संविधान का हवाला देकर दोनों पक्ष आमने-सामने खड़े हैं.
AAP नेता आशुतोष ने IAS एसोसिएशन के लिए 'कुंभकर्ण' शब्द का इस्तेमाल करके संभवत: नए विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'जब केंद्र के गृह सचिव और विदेश सचिव का अपमान किया गया और उन्हें पद से हटाया गया, तब आईएएस एसोसिएशन कुंभकर्ण की तरह सो रही थी.'
IAS association was sleeping like Kumbhkaran when Home Secretary and Foreign Secretary were humiliated and removed.
— ashutosh (@ashutosh83B)
गौरतलब है कि आईएएस एसोसिएशन का खेमा भी उपराज्यपाल की ओर मुड़ता दिख रहा है . बीती रात दिल्ली में आईएएस एसोसिएशन की बैठक हुई. प्रस्ताव में अफसरों के साथ दिल्ली सरकार के बर्ताव पर चिंता जताई गई और सरकार पर सार्वजनिक रूप से अफसरों को अपमानित करने का आरोप लगाया गया.
अधिकारियों का नहीं, पद का दुरुपयोग करने वालों का मनोबल गिरा: सिसोदिया
उधर अधिकारियों का मनोबल गिरने के आरोपों को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सिरे से खारिज किया है. उन्होंने गुरुवार सुबह ट्वीट किया, ' सरकार का हर अधिकारी अपने मंत्री और सीएम के साथ पूरी ऊर्जा से लगा है. दिल्ली में पहले ट्रांसफर-पोस्टिंग इंडस्ट्री चलती थी. मनोबल अधिकारियों का नहीं, पद का गलत इस्तेमाल करने वालों का गिरा है.'
जिन अधिकारियों के चलते पिछली सरकारों में ट्रांसफर-पोस्टिंग इंडस्ट्री चलती थी, वे अब रिटायर होकर IAS का मनोबल बढ़ाने की बात कह रहे हैं। 1/2
— Manish Sisodia (@msisodia)
सरकार का हर अधिकारी अपने मंत्री व CM के साथ पूरी ऊर्जा से काम में लगा है। मनोबल का अधिकारियों नहीं पद का गलत इस्तेमाल करने वालों का गिरा है
— Manish Sisodia (@msisodia)
मुख्यमंत्री केजरीवाल और एलजी नजीब जंग की लड़ाई बुधवार को उस वक्त और गरमाई जब उपराज्यपाल ने केजरीवाल को चिट्ठी भेजकर उन्हें उनकी संवैधानिक हद बताई. इसके अलावा एलजी ने सीएम दफ्तर से पिछले 5 दिनों में हुई सभी कर दिया.बुधवार को अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर केंद्र पर एलजी के जरिये दिल्ली में सरकार चलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई दिल्ली सरकार को संविधान-सम्मत और स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट में अफसरों पर निशाना साधा.
सरकार में बेईमानी और दलाली करनी हो तो 15 क्या 50 साल तक कोई नहीं टोकेगा लेकिन अगर ईमानदारी से काम करना है तो मुश्किलें आएंगी ही। 1/2
— Manish Sisodia (@msisodia)
आज सिर्फ इतना ही कह सकता हूं कि जो ईमानदार हैं उनमें हिम्मत आ रही है और बेईमानों का हौसला पस्त हो रहा है।2/2
— Manish Sisodia (@msisodia)
कश्मीर में पाक अपना झंडा लहरा रहा है और केंद्र सरकार LG के जरिए दिल्ली में बाबुओं की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार हड़पने में व्यस्त है। 1/2
— Manish Sisodia (@msisodia)
दुश्मन किले में घुस आया है और हम किले की दीवारें ऊंची करने में लगे हैं। 2/2
— Manish Sisodia (@msisodia)
सिसोदिया ने ली सचिवों की बैठकदो संवैधानिक किरदारों के बीच अहम और अधिकारों की जंग परवान पर है. फिलहाल रास्ता निकलता नहीं दिख रहा है. डर है कि कहीं दिल्ली और दिल्ली की जनता को इसकी कीमत ना चुकानी पड़े.