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UP ने केजरीवाल सरकार को नहीं दिए अफसर, उत्तराखंड करेगा विचार

अफसरों की नियुक्ति को लेकर दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और एलजी नजीब जंग के बीच विवाद बढ़ सकता है. दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में बिहार पुलिस के एक डीसीपी, 2 सब इंस्पेक्टर, 3 इंस्पेक्टर शामिल कर लिए गए हैं.

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ACB में बिहार के 6 पुलिसवालों पर बवाल
ACB में बिहार के 6 पुलिसवालों पर बवाल

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से भी कुछ अधिकारी मांगे हैं, लेकिन यूपी सरकार ने इस मांग से किनारा कर लिया है. अधिकारियों की कमी को वजह बता कर अखिलेश सरकार ने 15 अफसरों को देने से मना कर दिया है.

उधर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उनसे मुलाकात करके अधिकारी मांगे हैं. उन्होंने कहा, 'हम दिल्ली सरकार की चिट्ठी का इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद हम तय करेंगे.'

एसीबी के लिए केजरीवाल ने बिहार से मंगाए हैं अफसर
ACB मामले में आम आदमी पार्टी ने मंगलवार दोपहर को प्रेस कांफ्रेंस की. कांफ्रेंस में पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एसीबी को मजबूत नहीं होने दे रही है. 'आप' नेता आशुतोष ने कहा, 'एलजी के पद का मजाक होने से बचाया जाए. एसीबी से केंद्र सरकार डर गई है और बौखलाहट में ये सब कर रही है.' संजय सिंह ने कहा, 'बीजेपी को जानकारी का अभाव है. राज्यों में दूसरे राज्यों के अधिकारी जाते हैं.'

बिहार पुलिस के पांच कर्मी दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शामिल हो गए और इस कदम से केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच विवाद और बढ़ गया है.

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बिहार पुलिस के तीन निरीक्षक और दो उपनिरीक्षक दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शामिल हुए हैं. दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में मानव संसाधन की कमी है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में दिल्ली सरकार ने एक अनुरोध किया था जिसके बाद पांच अधिकारियों को भेजा गया.

LG को बताए बिना की गई नियुक्तियां
याद रहे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए गैर बीजेपी मुख्यमंत्रियों का रुख किया था. यहां तक कि एसीबी के अधिकार क्षेत्र का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया.

इसके अलावा भ्रष्टाचार निरोधक डिपार्टमेंट ने कथित रिश्वत लेने के ही में दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों को गिरफ्तार किया, जिससे दोनों के बीच तनाव पैदा हो गया. ये नियुक्तियां एलजी को बिना जानकारी दिए की गईं. 

वहीं, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली सरकार के पास एसीबी में नियुक्त‍ियों का अधि‍कार है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बिहार पुलिस के तीन इंस्पेक्टर और दो सब सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो में शामिल हुए हैं. उन्होंने बताया कि इस संबंध में दिल्ली सरकार ने एक अनुरोध किया था, जिसके बाद छह अधिकारियों को भेजा गया.

एक बड़ा तथ्य यह भी है कि नियुक्तियों को लेकर दिल्ली सरकार और के बीच विवाद भी हुआ है.

‘पहले मंजूरी ले दिल्ली सरकार’
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा है कि इस तरह के कदम के लिए पहले उनसे मंजूरी लेना जरूरी होगा. आप सरकार की ओर से अनुरोध किए जाने के बाद बिहार पुलिस के तीन निरीक्षक और दो उप निरीक्षक दिल्ली सरकार के एसीबी में शामिल हो गए हैं. ये नियुक्तियां ऐसे समय पर हुई हैं जब केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच पहले ही अधिकारक्षेत्र को लेकर तीखी जंग जारी है.

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इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए उपराज्यपाल के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) दिल्ली उपराज्यपाल के नियंत्रण और देखरेख में काम करता है. इस स्थिति को गृह मंत्रालय द्वारा भी स्पष्ट कर दिया गया है.’ बयान में यह भी कहा गया कि उपराज्यपाल को अभी तक दिल्ली पुलिस के बाहर से बिहार पुलिसकर्मियों की नियुक्ति से जुड़ा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.

- इनपुट PTI

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