दिल्ली पुलिस ने ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट के साथ मिलकर आउटर नॉर्थ दिल्ली के पूठ खुर्द इलाके में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा. उन्हें जानकारी मिली थी कि वहां प्रेगाबालिन कैप्सूल बिना प्रिस्क्रिप्शन के उन लोगों को बेचे जा रहे थे, जो इसके नशे वाले असर के लिए इसे लेना चाहते थे. एक एजेंसी के मुताबिक डीसीपी (आउटर नॉर्थ) शोभित सक्सेना ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई 18 सितंबर को सतगुरु डेयरी के पास पाइपलाइन रोड पर स्थित एम्बे फार्मेसी में की गई.
पुलिस ने बताया कि एक नकली ग्राहक को 500 रुपये का नोट देकर दुकान पर बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रेगाबालिन खरीदने भेजा गया. दुकानदार ने कथित तौर पर कैप्सूल दे दिए और बाद में वही नोट उसके पास से बरामद किया गया. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान मिली जानकारी से पता चला कि प्रेगाबालिन का इस्तेमाल गलत तरीके से करने वाले लोगों को इसे सामान्य रिटेल कीमत से ज़्यादा दाम पर बेचा जा रहा था.
मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी हो चुका था एक्सपायर
अधिकारी ने बताया कि मेडिकल स्टोर दरियापुर के रहने वाले अखिल चला रहे थे, जो मौके पर ही मिले. दुकान पर लगा ड्रग लाइसेंस सागर राणा के नाम पर था और यह 6 मई 2026 तक ही वैध था. अधिकारियों ने बताया कि इसके रिन्यूअल के लिए कोई आवेदन या फीस जमा करने का रिकॉर्ड नहीं मिला.
ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट को मौके पर शेड्यूल H और H1 दवाएं भी मिलीं, लेकिन उनके खरीद के बिल, बिक्री का रिकॉर्ड और ज़रूरी रजिस्टर मौजूद नहीं थे. वहां काफी मात्रा में एक्सपायर हो चुकी दवाएं भी मिलीं. कुछ पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग या एक्सपायरी की जानकारी को कथित तौर पर परमानेंट मार्कर से मिटा दिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि दुकान में कोई CCTV कैमरा भी नहीं लगा था.
इन बीमारियों के इलाज में दी जाती है प्रेगाबालिन दवा
अधिकारियों के मुताबिक दुकानदार ने दावा किया कि दवाएं राजेश नाम के व्यक्ति से खरीदी गई थीं, जो कथित तौर पर अधिकृत डीलर नहीं था. प्रेगाबालिन एक प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा है जिसका इस्तेमाल न्यूरोपैथिक दर्द, फाइब्रोमायल्जिया और कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में किया जाता है. केंद्र सरकार ने इस साल मई में इसे शेड्यूल H1 में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी किया था और इसके लिए कड़े नियम नवंबर से लागू होने वाले हैं.
ड्रग कंट्रोल अधिकारी लाइसेंस की स्थिति, दवाओं की खरीद और बिक्री, प्रेगाबालिन की कथित अनधिकृत बिक्री, एक्सपायर हो चुकी दवाओं और रिकॉर्ड रखने में नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहे हैं. जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.