सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इमारतों की जांच की जा रही है. इसी बीच वाल्मीकि सदन के 145 फ्लैट्स को रहने के लिए असुरक्षित पाया गया है. NDMC ने इन फ्लैट्स में रह रहे लोगों को परिसर खाली करने की सलाह दी है. यह फैसला इमारतों की तकनीकी जांच के बाद लिया गया है.
यह मामला वाल्मीकि सदन के आठ रिहायशी ब्लॉक्स का है. NDMC के म्यूनिसिपल हाउसिंग डिपार्टमेंट ने यहां रहने वाले लोगों से जल्द से जल्द अपने क्वार्टर खाली करने को कहा है. परिषद ने इसे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा एहतियाती कदम बताया है.
NDMC के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने इन इमारतों का विस्तृत स्ट्रक्चरल असेसमेंट कराया था. यानी इंजीनियरों ने भवनों की मजबूती और मौजूदा हालत की जांच की. रिपोर्ट में इन इमारतों को रहने के लिए असुरक्षित बताया गया. साथ ही इनकी मरम्मत को आर्थिक रूप से उचित नहीं माना गया.
1965-66 में बने थे 81 क्वार्टर
आठ ब्लॉक्स में से चार ब्लॉक तीन मंजिलों के हैं. इनका निर्माण 1965-66 के दौरान हुआ था. इनमें G-25 से G-51, F-25 से F-51 और S-25 से S-51 तक के कुल 81 क्वार्टर आते हैं. इन भवनों को बने हुए कई दशक हो चुके हैं. मौजूदा स्थिति की तकनीकी जांच के बाद NDMC ने इन्हें खाली कराने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी है.
बाकी चार ब्लॉक चार मंजिलों के हैं. इनका निर्माण 1985-86 में हुआ था. इनमें ब्लॉक नंबर 1 से 64 तक कुल 64 क्वार्टर शामिल हैं. इस तरह आठ ब्लॉक्स में कुल 145 क्वार्टर आते हैं. NDMC ने इन सभी जगहों पर रहने वाले लोगों से जल्द परिसर खाली करने की अपील की है.
सुरक्षा के लिए जारी की गई एडवाइजरी
NDMC ने साफ किया है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है. परिषद का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए यह फैसला लिया गया है. प्रभावित निवासियों से प्रशासन के साथ सहयोग करने को कहा गया है, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें.
NDMC के मुताबिक, आगे की कार्रवाई तकनीकी जांच और तय सुरक्षा नियमों के आधार पर की जाएगी. परिषद ने लोगों से अपील की है कि वे परिसर खाली करने की प्रक्रिया में सहयोग करें, जिससे किसी संभावित जोखिम से बचा जा सके.