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दिल्ली सरकार ITO पर बनवाएगी ट्विन टॉवर्स, 2000 करोड़ आएगी लागत, जानिए क्या है पूरा प्लान

दिल्ली सरकार ITO के निकट दो बहुमंजिला और पर्यावरण के अनुकूल इमारतें बनवाने की योजना बना रही है. इसमें विभिन्न विभागों के बड़े अफसरों के साथ मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के कार्यालय होंगे. इस प्रोजेक्ट पर दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) काम कर रहा है. इन बहुमंजिला इमारतों पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी. 

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CM अरविंद केजरीवाल.   (Photo: File)
CM अरविंद केजरीवाल. (Photo: File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नए भवन में होंगे मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के कार्यालय
  • सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी इमारत

दिल्ली सरकार ITO के निकट दो बहुमंजिला और पर्यावरण के अनुकूल इमारतें बनवाने की योजना बना रही है. इसमें विभिन्न विभागों के बड़े अफसरों के साथ मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के कार्यालय होंगे. इस प्रोजेक्ट पर दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) काम कर रहा है. इन बहुमंजिला इमारतों पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी. 

एजेंसी के अनुसार, परियोजना के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. सूत्रों ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली सरकार के लिए नए सचिवालय के रूप में है. इस परियोजना में आईटीओ के पास तीन भूखंडों पर निर्माण होगा. पहले में विकास भवन -1 बनेगा. दूसरा एमएसओ भवन (पीडब्ल्यूडी मुख्यालय) और जीएसटी के लिए बनाया जाएगा.

पुराने भवन गिराकर किया जाएगा नया निर्माण

एक आधिकारिक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ये पर्यावरण के अनुकूल निर्माण होगा. ये मौजूदा विकास भवन, एमएसओ भवन और जीएसटी भवन को गिराकर बनाए जाएंगे. सूत्रों ने कहा कि इन मौजूदा तीन इमारतों का संयुक्त भूखंड क्षेत्र 50,000 वर्ग मीटर से अधिक है. यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा किया जाएगा.

पहले चरण में विकास भवन-1 प्लॉट पर निर्माण होगा. दूसरे चरण में दूसरे भवन का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में लगभग पांच साल लगेंगे. ये इमारतें कम से कम 25 मंजिल से ज्यादा की होंगी. इमारतों की डिजाइन आधुनिक होगी. सूत्र ने कहा कि परियोजना सलाहकार नियुक्त करने के लिए भी बोलियां आमंत्रित की गई हैं.

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सलाहकार नए कार्यालय परिसर के लिए विस्तृत डिजाइन योजना की रिपोर्ट तैयार करेगा. मास्टर प्लान के अनुसार फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के अधिकतम उपयोग पर भी काम करेगा. इस प्रोजेक्ट की अभी तक केवल कागजी कार्रवाई शुरू की गई है.

मनीष सिसोदिया कर चुके हैं जमीनी जांच

सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कुछ महीने पहले विकास भवन -1 में जमीनी जांच की थी. वर्तमान में विकास भवन -1 में विभिन्न विभागों जैसे खाद्य और आपूर्ति, और उत्पाद शुल्क के कार्यालय हैं. मुख्यमंत्री और मंत्रियों के अलावा, नए भवनों में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों और विभिन्न विभागों के सचिवों के लिए कार्यालय स्थान होंगे.

मौजूदा समय में 1982 में बनी इमारत में है सीएम कार्यालय

वर्तमान में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनका पूरा मंत्रिमंडल और वरिष्ठ नौकरशाह इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम के पास दिल्ली सचिवालय भवन से काम करते हैं. वर्तमान सचिवालय भवन को प्लेयर्स बिल्डिंग के रूप में भी जाना जाता है. इसे 1982 के एशियाई खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए एक होटल के रूप में बनाया गया था.

सूत्र ने कहा कि नए भवन में स्मार्ट पार्किंग सिस्टम, व्यायामशाला, कैफेटेरिया, छोटे सुपरमार्केट, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी, एस्केलेटर, विकलांगों के अनुकूल लिफ्ट जैसी सुविधाएं भी होंगी. इन इमारतों में कान्फ्रेंस के लिए आधुनिक कनेक्टिविटी के साथ कान्फ्रेंस रूम और सभागार भी होंगे.

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