दिल्ली में आकृति सुतार की दहेज के चलते मौत के मामले में गिरफ्तार किए गए पति के खिलाफ जांच जारी है. इस बीच 28 साल की आकृति सुतार के भाई अमय सुतार ने अपनी बहन की जिंदगी के आखिरी दिनों के बारे में कई बातें बताई हैं. उनका कहना है कि आकृति को उम्मीद थी कि अगर वह नौकरी करती रहेगी और धीरे-धीरे घर का सामान खरीद लेगी तो ससुराल वालों के ताने बंद हो जाएंगे.
अमय ने बताया कि आकृति की शादी 24 अप्रैल को अरस्तू सिक्का से हुई थी. दोनों दो साल से एक-दूसरे को जानते थे. शादी के बाद आकृति ने कुछ दिन की छुट्टी ली थी और 1 जुलाई से छतरपुर की एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर फिर से काम शुरू कर दिया था.
कैंसर ने छीना था आकृति के पिता को
भाई के मुताबिक, आकृति अपने परिवार पर बोझ नहीं डालना चाहती थी. उनके पिता की साल 2019 में कैंसर से मौत हो गई थी. इलाज में काफी पैसा खर्च हो गया था और परिवार पर कर्ज भी हो गया था. अमय ने बताया कि पिता के जाने के बाद आकृति ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली और हमेशा चाहती थी कि उसका भाई अपने पैरों पर खड़ा हो जाए.
अमय का कहना है कि शादी से पहले ससुराल वाले इस बात के लिए तैयार थे कि आकृति नौकरी करेगी, लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया. परिवार का आरोप है कि आकृति को यह कहकर ताने दिए जाते थे कि वह अपने मायके से बेड, सोफा, अलमारी, फ्रिज और एसी जैसी चीजें नहीं लाई. अमय ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल की तरफ से 10 से 20 लाख रुपये की मांग की जा रही थी.
ससुराल वालों को मांग के लिए खुद जुटाने लगी पैसे
अमय के मुताबिक, आकृति ने उनसे कहा था कि अब उनकी नौकरी लग गई है, इसलिए वह उन पर कोई बोझ नहीं डालना चाहती. वह खुद नौकरी करके धीरे-धीरे सब कुछ खरीद लेगी. उसे उम्मीद थी कि इसके बाद ससुराल वाले उसे ताने देना बंद कर देंगे.
परिवार को पहले लगा था कि पति-पत्नी के बीच आम झगड़े हैं. अमय ने बताया कि एक बार आकृति ने थप्पड़ मारने की बात बताई थी, जिसके बाद दोनों परिवारों ने समझौता कराने की कोशिश की. लेकिन 3 जुलाई को आकृति ने पहली बार बताया कि उसके साथ मारपीट, धमकी और लगातार परेशान किया जा रहा है.
'ज्यादा चुप रहने लगी थी आकृति दीदी'
अमय ने कहा कि शादी के बाद आकृति पहले से ज्यादा चुप रहने लगी थी. परिवार को लगा कि वह नए माहौल में खुद को ढाल रही है. जब भी उससे पूछा जाता, वह कहती कि सब ठीक है. जांच के दौरान आकृति के फोन में "आसानी से कैसे मरें" जैसी गूगल सर्च भी मिली है. हालांकि अमय का आरोप है कि उसकी बहन का फोन पूरी तरह उसके पति के नियंत्रण में रहता था. उनका कहना है कि अगर फोन का पासवर्ड भी बदल जाता था तो पति उस पर शक करता, गाली देता और मारपीट करता था.
मां और भाई से बातचीत पर रोक
अमय ने यह भी आरोप लगाया कि पति नहीं चाहता था कि आकृति अपनी मां और भाई से फोन पर बात करे. उनका कहना है कि जब आकृति ने घरवालों को अपनी परेशानी बताई तो उसके पति ने उन्हें पिटवाने और नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दी. 4 जुलाई को आकृति ऑफिस से निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची. काफी देर तक फोन नहीं उठने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. बाद में उसके मोबाइल पर एक पुलिसकर्मी ने फोन उठाया और बताया कि लोदी कॉलोनी के एक एनडीएमसी आवासीय परिसर की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने पति अरस्तू सिक्का को दहेज मौत और पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है. साथ ही परिवार के दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है.