दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने अपनी जान को खतरा बताया है और इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है.
तीन अलग-अलग घटनाओं का हवाला देते हुए गुप्ता ने अपने पत्र में कहा कि इन परिस्थितियों में वह ‘असुरक्षित’ महसूस करते हैं. इनमें दो घटनाएं के मौजूदा सत्र के दौरान की हैं.
‘मेरी जान को खतरा है’
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को लिखे अपने पत्र में उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘मेरी जान को खतरा है.’ गुप्ता ने दावा किया कि 28 नवंबर की रात को पंडारा पार्क इलाके के निकट 4-5 लोगों ने उनपर धावा बोला.
AAP विधायकों पर भी लगाया आरोप
ने कहा, ‘उन्होंने मुझे मेरे वाहन से बाहर निकालने का प्रयास किया और जब मेरे चालक ने मेरे वाहन को आगे बढ़ाया तो उन्होंने गालियां दीं. मुझे कुछ भी हो सकता है.’ उन्होंने विधानसभा में 24 नवंबर की घटना का भी हवाला दिया जिसमें AAP के तकरीबन 20 विधायकों ने उन्हें और साथी बीजेपी विधायकों के साथ सदन में चर्चा के दौरान गाली-गलौज की.
गुप्ता ने कहा कि उनसे 30 नवंबर को फिर से बदसलूकी की गई और से मार्शल के जरिए बाहर निकलवाया गया. उन्होंने कहा कि सदन से निकाले जाने के दौरान उन्हें चोट आई. मैंने 100 नंबर पर पीसीआर को कॉल किया और अरुणा आसफ अली अस्पताल गया. गुप्ता ने विधानसभा अध्यक्ष से उनके द्वारा बताए गए तथ्यों पर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है. उन्होंने 24 नवंबर की घटना को सदन की आचार समिति को भेजने की भी मांग की.