छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद मंगलवार रात अचानक हिंसक रूप ले लिया. सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया. विवाद इतना बढ़ा कि एक फॉर्च्यूनर वाहन को आग के हवाले कर दिया गया जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. मृतकों में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं. तीसरे मृतक नागेंद्र सिंह थे, जो घटना में करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और पुलिस बल तैनात किया गया है.
जानकारी के अनुसार नौगई गांव में रेत उत्खनन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. एक पक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह से जुड़ा बताया जा रहा है जबकि दूसरा पक्ष मनोज त्रिपाठी और उनके परिवार से संबंधित है. दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और शिकायतों का दौर चलता रहा है. घटना से पहले भी दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था. मंगलवार रात विवाद बढ़ने के बाद आरोप है कि मनोज त्रिपाठी पक्ष के लोगों ने रास्ता रोककर फॉर्च्यूनर वाहन को घेर लिया. इस वाहन में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह समेत अन्य लोग सवार थे.
वाहन लॉक होने से अंदर फंसे लोग आग की चपेट में आए
आरोप है कि फॉर्च्यूनर वाहन को ट्रक से टक्कर मारी गई और फिर उसमें आग लगा दी गई. बताया गया कि वाहन लॉक होने के कारण उसमें बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए. इस घटना में भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई. गंभीर रूप से झुलसे वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वहीं अन्य घायलों को पहले अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर भेज दिया गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया. सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा देर रात कोरिया पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. पुलिस ने मामले में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है. अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि अन्य की तलाश जारी है. गिरफ्तार आरोपियों में अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी शामिल हैं.
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. विधायक भैयालाल राजवाड़े ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि कोरिया जिले के इतिहास में इस तरह की घटना पहली बार हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद हुआ था और एक पक्ष की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मामला शांत हो गया था. पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी घटना की कड़ी निंदा की और इसे बेहद दुखद बताया. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज किया केस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रेत उत्खनन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई है. मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आए जिसके बाद मारपीट और हिंसक झड़प हुई. उन्होंने कहा कि फॉर्च्यूनर वाहन में आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच जारी है. इस पूरे मामले ने जिले में कानून व्यवस्था और अवैध खनन से जुड़े विवादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है.