बिहार सरकार ने गरीब परिवारों में कुपोषण की समस्या से निजात दिलाने के लिए साढ़े 5 लाख लोगों को प्रति परिवार में 45 मुर्गियां देने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं सहायता समूह के संबंध में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'प्रत्येक परिवार में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से तीन बकरियां दी जाएंगी. इसके अलावा साढ़े पांच लाख परिवारों को प्रति परिवार 45 मुर्गियां भी दी जाएंगी. यह योजना बकरी और भेड़ पालन योजना के तहत क्रियान्वित की जाएगी.' बिहार सरकार ने बकरी को गरीबों की एटीएम का नाम दिया है. पशुपालन विभाग इस योजना को आगे बढ़ाने में काफी जोर भी दे रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध और अंडे की उपलब्धता से कुपोषण की समस्या से लड़ने में सहयोग मिलेगा. इसके अलावा महिला सशक्तीकरण के लिए राज्य में 10 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन होगा. यह काम अगले पांच साल में पूरा होगा. प्रत्येक स्वयं सहायता समूह में 15 सदस्य होंगे. इससे करीब छह करोड़ लोग लाभान्वित होंगे. राज्य की 55 से 60 प्रतिशत आबादी को फायदा होगा. सहायता समूह राज्य में महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
नीतीश कुमार ने बिहार की बढ़ती आबादी को राज्य के विकास के लिए बहुत अहितकर बताया. पिछले 10 वर्ष में बिहार की आबादी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. जनसंख्या बढ़ोतरी की यही दर रही तो 2050 तक बिहार की आबादी बढकर 20 करोड़ हो जाएगी.