आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भले ही चारा घोटाले के मामले में इस वक्त रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं, लेकिन उनके बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव इन सबसे बेफिक्र हर रोज नया रूप धारण करने में लगे हुए हैं.
तेज प्रताप यादव को इससे पहले भी मंत्री रहते हुए कई बार नए-नए रूप में लोगों ने देखा और अपने शौक के लिए चर्चा का विषय बने रहे. ताजा कारनामा यह है कि ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह ब्रांडेड कपड़े और जूते पहनकर राजमिस्त्री का काम करते हुए दिख रहे हैं.
वर्ण व्यवस्था ने भारतीय मानसिकता में काम को छोटा या बड़ा बना दिया है। जिस कर्म से सहायता, सहयोग या सृजन हो वह काम छोटा कैसे?
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14)
तेज प्रताप जहां राजमिस्त्री का काम कर रहे हैं, वहीं उनके साथ दो और मजदूर भी उनके इस काम में उसकी मदद करते हुए नजर आ रहे हैं. तेज प्रताप के हाथ में करनी है और बालू-सीमेंट के मसाले से ईंट की जुड़ाई करते हुए दिख रहे हैं.
हालांकि, यह तस्वीरें के आवास 10, सर्कुलर रोड में हो रहे किसी भवन निर्माण की है या फिर कोई अन्य भवन के निर्माण की इसको लेकर साफ जानकारी नहीं मिल पाई है.
कौशल विकास के नाम पर सरकारें योजनाएं तो खूब बनाती हैं, पर अवसर के बिना युवा बेरोजगार ही रह जाते हैं। हर हाथ हुनर, और हर हुनर को रोजगार- यही देश के युवाओं को सही मार्ग पर रखेगा।
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14)
ट्विटर पर तस्वीरों को पोस्ट करने के बाद ने श्रमिकों के शान में कसीदे भी पड़े हैं. तेजस्वी ने लिखा है कि श्रमिक समाज का महत्वपूर्ण अंग है तथा राष्ट्र निर्माण, विकास एवं अर्थव्यवस्था में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है.
तेजप्रताप आगे लिखते हैं कि देश की विकसित अर्थव्यवस्था श्रमिकों की अच्छी स्थिति पर निर्भर करती है, मगर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में श्रमिकों की महत्वता को नजरअंदाज कर दिया जाता है.
श्रमिक समाज का महत्वपूर्ण अंग है. राष्ट्र निर्माण, विकास एवं अर्थव्यवस्था में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है. देश की विकसित अर्थव्यवस्था श्रमिकों की अच्छी स्थति पर निर्भर करती है. लेकिन केन्द्र व राज्य सरकारों की योजनाओं में श्रमिकों की महता को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14)
वैसे यह पहली बार नहीं है जब किसी अनोखे रंग में नजर आए हों. राजमिस्त्री के रूप में नजर आने से पहले वह एक बार भगवान कृष्ण के रूप में भी नजर आए हैं और एक बार बावर्ची के रूप में जलेबियां छानते हुए भी दिखे थे.
गौरतलब है कि ने भी तेज प्रताप के कृष्ण रूपी अवतार का संज्ञान लिया था और वह तेज प्रताप को कन्हैया कहकर संबोधित करते हैं.