बिहार में कटिहार के गांव की गरीब बच्ची ने अपनी वीरता का ऐसा कारनामा रचा है, जिसे सुन कर हर कोई दंग रह गया. महज 12 साल की रोजी ने अपनी जान पर खेल कर 5 बच्चों को तालाब में डूबने से बचा लिया. स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि ने इस बहादुर बेटी को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत करने के लिए अपने उच्च पदाधिकारियों से सिफारिश की है.
रोजी गांव के ही मोरसंडा डोभा बहियार के सरकारी तालाब के किनारे खेत में मूंग तोड़ रही थी, इसी बीच उसे अपने ही हम उम्र और उससे छोटे बच्चों द्वारा तालाब में डूबने से बचाने की आवाज सुनाई दी और 12 साल की रोजी तालाब में कूद पड़ी और एक-एक कर 5 बच्चों को बाहर निकाल लिया.
पर उसे अफसोस इस बात का है कि वह खुद तैरते-तैरते थक गई और बेहोश हो गई, इसलिए अपने ममेरे भाई फरान को नहीं बचा पाई. वहीं जिन बच्चों की जान रोजी ने बचाई है, उनके परिजन के लिए रोजी किसी फरिश्ते से कम नही है.
वीर बच्ची की वीर गाथा पर अब बधाई देने वालों का तांता लग गया है. समाज के गणमान्य जनप्रतिनिधि बच्ची के घर पहुंच कर बधाई देते हुए बच्ची के वीरता को उचित रूप से सम्मानित करने की मांग कर रहे हैं.