बचा हुआ खाना ना केवल समय बचाता है बल्कि भागदौड़ भरी जिंदगी को काफी आसान भी बना देता है. चाहे वह ऑफिस के काम से थकी हुई कोई व्यस्त रात हो या पिछले दिन बाहर से मंगाया खाना. फ्रिज में रखे एक कटोरी चावल को दोबारा गर्म करना हमें सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प लगता है. लेकिन जिसे हम महज एक सुविधाजनक तरीका समझ रहे हैं, वही आपके लिए अनजाने में बड़ा हेल्थ रिस्क भी बन सकता है.
खासतौर पर चावल एक ऐसी चीज है जिसके मामले में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. अगर यह बहुत देर तक बाहर रखा रहा है तो इसे बाद में दोबारा गर्म करके खाने से आपके पेट में गड़बड़ हो सकती है. हो सकता है आपने TikTok पर 'फ्राइड राइस सिंड्रोम' के बारे में सुना हो. हालांकि यह नाम मजाक जैसा लगता है लेकिन यह असल में एक तरह की फूड पॉइजनिंग है जो उन बैक्टीरिया की वजह से होती है जो पके हुए चावल में पनपते हैं.
हालांकि आपको तुरंत अपने फ्रिज की ओर भागकर बचे हुए चावल फेंकने की जरूरत नहीं है लेकिन यहां कुछ बातें बताई गई हैं जिन्हें जानकर आप अपने बचे हुए खाने को सुरक्षित रख सकते हैं.
फ्राइड राइस सिंड्रोम क्या है?
सबसे पहले जान लेते हैं कि फ्राइड राइस सिंड्रोम क्या बला है. असल में यह नाम उस फूड पॉइजनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो Bacillus cereus (B. cereus) की वजह से होती है. यह एक स्पोर (बीजाणु) बनाने वाला कीटाणु है जो आमतौर पर मिट्टी में पाया जाता है. लेकिन यह बैक्टीरिया सिर्फ फ्राइड राइस पर ही असर नहीं डालता. यह किसी भी पके हुए चावल, पास्ता या स्टार्च वाले खाने पर पनप सकता है जिसे बहुत देर तक बाहर छोड़ दिया गया हो. इसे पनपने के लिए बस सही माहौल की जरूरत होती है.
अमेरिका के एरिजोना में स्थित नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन बैनर हेल्थ में संक्रामक रोग विशेषज्ञ जेसिका हिंज कहती हैं, Salmonella और E. coli जैसे आम फूड बैक्टीरिया के उलट अपने खाने को पकाने या दोबारा गर्म करने से आप B. cereus से सुरक्षित नहीं रह पाएंगे.
B. cereus एक तरह का सेल बनाता है जिसे स्पोर कहते हैं जो गर्मी माइक्रोवेव और यहां तक कि उबालने पर भी जिंदा रह सकता है.
समस्या बैक्टीरिया में नहीं बल्कि उन टॉक्सिन में है जो ये स्पोर बनाते हैं. दोबारा गर्म करने से सक्रिय बैक्टीरिया तो मर सकते हैं, लेकिन चावल के बाहर रखे रहने के दौरान उन्होंने जो टॉक्सिन छोड़े थे. वो अब भी आपको बीमार कर सकते हैं.
डॉ. Hinz कहती हैं, सही माहौल मिलने पर B. cereus की एक कॉलोनी हर 20 मिनट में लगभग 86°F (30°C) तापमान पर आकार में दोगुनी हो सकती है और इतने टॉक्सिन पैदा कर सकती है कि आप बीमार पड़ जाएं.
चावल से होने वाली फूड पॉइजनिंगके लक्षण क्या हैं?
फूड पॉइजनिंगके लक्षण आमतौर पर बहुत जल्दी दूषित चावल खाने के छह से 12 घंटे के अंदर ही दिखाई देने लगते हैं. यहां हम आपको कुछ लक्षण बता रहे हैं.
जी मिचलाना और उल्टी होना
पेट में दर्द या ऐंठन
दस्त
यह बीमारी अक्सर अचानक शुरू होती है और काफी गंभीर महसूस हो सकती है.
डॉ. Hinz कहती हैं, 'दूषित खाना खाने के लगभग छह घंटे बाद उल्टी होना शुरू हो जाती है. दस्त बाद में होता है, चावल खाने के लगभग 10 से 12 घंटे बाद. ज्यादातर मामले 24 घंटे के अंदर ठीक हो जाते हैं और उनमें एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं पड़ती.'
अगर आपको लगता है कि चावल खाने से आपको फूड पॉइजनिंग हो गई है तो सबसे अच्छा यही है कि आप आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें. शरीर से निकले तरल पदार्थों की भरपाई के लिए थोड़ा-थोड़ा करके पानी, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या लाइट ब्रॉथ (शोरबा या सूप) पीते रहें.
अगर आपको ये लक्षण दिखें तो अपने डॉक्टर को फोन करें या तुरंत मेडिकल मदद लें.
लगातार उल्टी होना या कुछ भी पीने पर पेट में न रुकना
48 घंटे से ज्यादा समय तक दस्त होना
तेज बुखार या मल में खून आना
बुजुर्गों, छोटे बच्चों या कमजोर इम्यून सिस्टम वाले किसी भी व्यक्ति में लक्षण दिखना
क्या फ्राइड राइस सिंड्रोम से मौत हो सकती है?
इसकी संभावना बहुत कम है. हालांकि, कुछ दुर्लभ मामलों में ये बैक्टीरिया गंभीर इन्फेक्शन कर सकते हैं लेकिन ज्यादातर लोग बिना किसी मेडिकल इलाज के ही जल्दी ठीक हो जाते हैं. फिर भी बचाव ही सबसे अच्छा इलाज है. चूंकि पकाने और दोबारा गर्म करने से भी ये जहरीले तत्व नष्ट नहीं होते इसलिए सुरक्षित रहने का एकमात्र तरीका यही है कि बैक्टीरिया को शुरू में ही बढ़ने से रोक दिया जाए.
पके हुए चावल से होने वाली फूड पॉइजनिंग से बचने के कुछ उपाय
1. इसे जल्दी से ठंडा करें
चावल पक जाने के बाद उसे स्टोव या काउंटर पर यूं ही रखा न रहने दें. इसे किसी चौड़े बर्तन या ट्रे में फैला दें ताकि यह जल्दी ठंडा हो जाए. इसे ज्यादा से ज्यादा एक से दो घंटे के अंदर फ्रिज में रख दें.
2. इसे सही तरीके से स्टोर करें
चावल के गर्म और ढके हुए बर्तन को सीधे फ्रिज में न रखें. ऐसा करने से गर्मी अंदर ही फंसी रह जाएगी और चावल को ठंडा होने में ज्यादा समय लगेगा.
चावल को फ्रिज में किसी ढके हुए एयर टाइट डिब्बे में ही रखें. अगर आप बाहर से खाना लाए हैं तो उसे भी निकालकर किसी हवा-बंद डिब्बे में ही रखें.
अगर आप पूरे हफ्ते के लिए एक साथ ज्यादा मात्रा में चावल पकाते हैं तो उसे अलग-अलग हिस्सों में बांट लें और हर डिब्बे को अलग-अलग ठंडा होने दें. उन्हें फ्रिज में एक के ऊपर एक करके न रखें क्योंकि ऐसा करने से गर्मी अंदर ही फंसी रह सकती है और उन्हें ठंडा होने में काफी समय लग सकता है.
पके हुए चावल फ्रिज में तीन से चार दिनों तक सुरक्षित रह सकते हैं. अगर आपको लगता है कि आप इस समय-सीमा के अंदर उन्हें नहीं खा पाएंगे तो उन्हें तुरंत फ्रीजर में रख दें.
डॉ. हिंज ने बताया, फ्रोजन राइस यानी फ्रीजर में रखे हुए चावल कई महीनों तक सुरक्षित रह सकते हैं लेकिन उन्हें तीन महीने के अंदर ही इस्तेमाल कर लेना चाहिए.
3. सुरक्षित रूप से दोबारा गर्म करें
चावल को दोबारा गर्म करते समय यह ध्यान रखें वो अंदर तक पूरी तरह से भाप निकलता हुआ गर्म हो. इसका तापमान कम से कम 65°F (74°C) होना चाहिए. चावल को एक से ज्यादा बार दोबारा गर्म न करें. जो भी बचा हुआ चावल पहले ही दोबारा गर्म किया जा चुका हो, उसे फेंक दें.
4. इसे दोबारा बाहर न छोड़ें
एक बार जब चावल पककर ठंडा हो जाए तो कोशिश करें कि उसे दोबारा कमरे के तापमान पर न रहने दें. अगर आप किसी खाने या बुफे के लिए चावल परोस रहे हैं तो उसे 140°F (60°C) से ज्यादा गर्म या 40°F (4°C) से कम ठंडा रखें.
5. अगर ठीक ना लग रहा हो तो उसे फेंक दें
अगर चावल से खट्टी गंध आ रही हो उसका टेक्सचर चिपचिपा हो या आपको पक्का न पता हो कि वह कितने समय से फ्रिज में रखा है तो उसे फेंक दें. यह जोखिम उठाना ठीक नहीं है.
ध्यान रखे ये बातें
बचे हुए चावल से बीमार पड़ना किसी के लिए भी अच्छा नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप चावल खाना ही छोड़ दें. यह पौष्टिक और कई तरह से इस्तेमाल होने वाला भोजन है और हेल्दी डाइट का हिस्सा है.
बस यह याद रखें कि थोड़ी सी खाने की सुरक्षा बहुत काम आती है. इसे अच्छी तरह पकाएं. जल्दी से ठंडा करें और सुरक्षित रूप से स्टोर करें. फूड पॉइजनिंग से बचने और अपने बचे हुए खाने का आनंद लेने के लिए बस इतना ही काफी है.