फुटबॉल खेलते समय अचानक पैर का मुड़ना, बैडमिंटन में तेजी से दिशा बदलना, अचानक तेज दौड़ना जैसी ये छोटी-सी गलती घुटने की ऐसी चोट का कारण बन जाती है, जो किसी भी खिलाड़ी के करियर को महीनों तक के लिए रोक सकती है. अगर किसी आम व्यक्ति को ये हो जाए को उसको भी ठीक होने में कई महीन लग सकते हैं. हम बात कर रहे हैं एसीएल (ACL) इंजरी की. यह घुटने की सबसे आम चोट है. एसीएल को आम भाषा में एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट कहते हैं. ACL किसी भी व्यक्ति के घुटने को स्थिर रखने का काम करता है. इसमें इंजरी होने पर व्यक्ति को तेज दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. अगर समय पर यह ठीक न हो तो कई मामलों में सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है.
एक्सपर्ट बताते हैं कि इस चोट के लगने के कई कारण होते हैं, लेकिन अगर आप पूरे हफ्ते कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं और अचानक वीकेंड में खेलने और दौड़ने निकल पड़ते है तो खतरा बढ़ सकता है. अच्छी बात यह है कि इस तरह की चोट से आप आसानी से बचाव कर सकते हैं. खिलाड़ी हो या आम आदमी एसीएल इंजरी से बचने के लिए क्या करना चाहिए. इस बारे में एक्सपर्ट ने बताया है. डिटेल में जानने के लिए Aajtak.in ने सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में असिस्टेंट प्रोफेसर और आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राहुल ग्रोवर से बातचीत की है.
अचानक नहीं लगती है घुटने में चोट
डॉ राहुल बताते हैं कि लोग कहते हैं कि खेलते समय घुटने में चोट अचानक लग गई, इसलिए यह सिर्फ बदकिस्मती थी, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है, कई बार खिलाड़ी अपने शरीर का सही तरीके से संतुलन नहीं बना पाते हैं. जिससे ये इंजरी हो जाती है. बीते कुछ सालों में एसीएल इंजरी के मामले काफी ज्यादा देखे जा रहे है. ये खिलाड़ियों को होने वाली आम चोट है, लेकिन ये आम लोगों को भी हो जाती है, खासकर जो लोग फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन या ऐसा कोई भी गेम खेलते हैं और इस दौरान सावधानी नहीं बरतते हैं.
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फिट दिखना और चोट न लगना, दोनों अलग बातें हैं
बहुत से खिलाड़ी रोज दौड़ते हैं, जिम जाते हैं और खुद को पूरी तरह फिट मानते हैं, लेकिन सिर्फ फिट होना यह साबित नहीं करता कि शरीर खेल के दौरान लगने वाले दबाव को संभाल पाएगा.कई खिलाड़ियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लेकिन उनका संतुलन कमजोर होता है. कुछ खिलाड़ी भारी वजन उठा लेते हैं, लेकिन दौड़ते समय अचानक रुकने या दिशा बदलने में उन्हें परेशानी होती है. इसलिए खेल के साथ-साथ इन चीजों पर भी ध्यान देना जरूरी है.
हफ्ते में सिर्फ एक दिन खेलना गलत
डॉ राहुल कहते हैं कि आजकल कई बच्चे और युवा पूरे सप्ताह पढ़ाई या काम में व्यस्त रहते हैं और सिर्फ छुट्टी के दिन खेलते हैं. इसको हम 'वीकेंड वॉरियर' कहते हैं, लेकिन अगर खेलकूद पसंद है तो आपको पूरे हफ्ते में हर दिन कुछ घंटों के लिए खेलना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर शरीर लगातार प्रैक्टिस में नहीं है और आप एक दिन अचानक तेज दौड़ रहे हैं या खेल रहे हैं तो चोट का खतरा बढ़ जाता है.
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लड़कियों में एसीएल चोट का खतरा ज्यादा हो सकता है
रिसर्च से पता चला है कि किशोर और युवा महिला खिलाड़ियों में एसीएल चोट का खतरा अधिक हो सकता है. हालांकि इसके पीछे सिर्फ एक कारण नहीं होता. शरीर की बनावट, हार्मोन, इसमें भूमिका निभाते हैं.फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और हैंडबॉल जैसे खेल खेलने वाली लड़कियों को विशेष रूप से सही प्रशिक्षण की जरूरत होती है.
15 मिनट का वार्म-अप जरूरी
कई लोग वार्म-अप को सिर्फ एक फॉर्मेलिटी मानते हैं, लेकिन सही तरीके से किया गया 15 मिनट का वार्म-अप एसीएल चोट के खतरे को कम कर सकता है. इसके लिए आप किसी भी खेल को शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग,जंपिंग और मसल्स को एक्टिव करने वाली एक्सरसाइज करें. लेकिन इसका फायदा तभी होगा, जब इसे नियमित रूप से किया जाए