इजरायल में हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं. बावजूद इसके नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा. फिलहाल वहां त्रिशंकु संसद की स्थिति बनी हुई है.
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के जरिये कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि इजरायल के मौजूदा राजनीतिक हालात के बीच वहां के मुस्लिम सांसदों ने इजरायली संसद के अंदर नमाज अदा की. वीडियो में भी कुछ लोग किसी संसद के अंदर इबादत करते नजर आ रहे हैं.
वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “पावर में आते ही मुस्लिम सांसदों ने इजरायल के पार्लियामेंट में पढ़ी नमाज. माशा अल्लाह.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो जॉर्डन की संसद का है, जहां 3 नवंबर को कुछ सांसदों ने ज़ुहर की नमाज अदा की थी.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये Ahmed Qadoura नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर मिला. यहां इसे तीन नवंबर को पोस्ट किया गया था. अकाउंट के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक Ahmed जॉर्डन के एक पत्रकार हैं. वीडियो में भी जॉर्डन का प्रतीक चिह्न नजर आता है.
इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें बीबीसी न्यूज अरेबिक और मिल्लत टाइम्स की वीडियो रिपोर्ट्स मिलीं. इनके मुताबिक ये वीडियो जॉर्डन की संसद का है, जहां तीन नवंबर को कुछ सांसदों ने ज़ुहर की नमाज अदा की थी. ज़ुहर, दोपहर में पढ़ी जाने वाली नमाज होती है.
अरबी भाषा में छपी तमाम न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. अहमद अल-रकाब ने सदन के अंदर इस नमाज का नेतृत्व किया था, जिसके बाद कई सांसद उनके साथ शामिल हो गए थे. इस पर जॉर्डन में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है. कई लोगों ने ये कहते हुए इस घटना की आलोचना भी की है कि संसद जैसी जगह पर ऐसा नहीं होना चाहिए.
साफ है कि जॉर्डन के संसद में हुई नमाज के वीडियो को इजरायली संसद का बताकर भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है.