scorecardresearch
 

फैक्ट चेक: महिलाओं पर अत्याचार दिखाती इन तस्वीरों का असम हिंसा से नहीं है कोई लेना-देना

नागरिकता कानून के विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. पहली तस्वीर में एक पुलिसकर्मी को सड़क पर गिरी एक महिला के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है, वहीं दूसरी तस्वीर में एक घायल महिला पुलिस वालों के साथ खड़ी नजर आ रही है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
असम में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मी अत्याचार कर रहे हैं.
Brnjy Swray
सच्चाई
दोनों तस्वीरें उत्तर प्रदेश की हैं और इनका असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है.

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में असम सहित पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में 2 लोगों के मारे जाने की भी है.

इसी विरोध को लेकर सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. पहली तस्वीर में एक पुलिसकर्मी को सड़क पर गिरी एक महिला के साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है, वहीं दूसरी तस्वीर में एक घायल महिला पुलिस वालों के साथ खड़ी नजर आ रही है. तस्वीरों के साथ दावा किया गया है कि असम में नागरिकता बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मी अत्याचार कर रहे हैं.

assam-is-burning--protesters-protesting-against-citizenship--amendment--bill-are-being-physically-_-facebook-search_121319113148.png

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. दोनों तस्वीरें उत्तर प्रदेश की हैं और इनका असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं.

Advertisement

  नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस भ्रामक पोस्ट को शेयर किया है. इन तस्वीरों को भ्रामक दावे के साथ ट्विटर पर भी खूब शेयर किया जा रहा है.

पहली तस्वीर

इस तस्वीर में एक पुलिसकर्मी सड़क पर गिरी एक महिला के साथ हाथापाई करते नजर आ रहा है. में इस पुलिसकर्मी को पुरुष बताया गया है जो कि सरासर झूठ है. तस्वीर हाल ही में उन्नाव रेप केस को लेकर लखनऊ में हुए प्रदर्शन की है और पुलिसकर्मी एक महिला इंस्पेक्टर है.

दरअसल कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक गैंग रेप पीड़िता को कथित तौर पर जला दिया गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी. इसी घटना को लेकर 7 दिसंबर को लखनऊ में विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भिड़ंत देखने को भी मिली थी. यह तस्वीर भी इसी समय की है.

उस समय भी कई लोगों ने पुलिसकर्मी को पुरुष समझ लिया था. पुलिसकर्मी और महिला की इस हाथापाई का जब वीडियो सामने आया तो यह बात साफ हो गई कि पुलिसकर्मी एक महिला ही थी.

दूसरी तस्वीर

इस तस्वीर में दो पुलिसकर्मियों के साथ एक महिला खड़ी दिख रही है जिसके सिर से खून बह रहा है. साथ में एक छोटी बच्ची को भी देखा जा सकता है. यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की है और तकरीबन 3 साल पुरानी है‌.

Advertisement

के मुताबिक तस्वीर में दिख रही महिला और उसके पति को छेड़छाड़ का विरोध करने पर कुछ लोगों ने बुरी तरह पीटा था. इस मारपीट में महिला के सर पर किसी ने डंडे से भी वार किया था. उस समय घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था.

ये तस्वीरें भले ही असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन से नहीं जुड़ी है, लेकिन राज्य के हालत भी कुछ ठीक नहीं हैं. के मुताबिक गुवाहाटी में पुलिस फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं.

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement