ऑक्सीजन की किल्लत के चलते राज्यों की तरफ से केंद्र सरकार से मदद मांगी जा रही है. इस दौरान केंद्र सरकार और राज्यों के बीच ऑक्सीजन की डिमांड को लेकर खींचतान भी देखने को मिल रही है. इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में रेलवे ट्रैक के नीचे एक टैंकर खड़ा देखा जा सकता है जिसमें से भारी मात्रा में गैस का रिसाव हो रहा है.
दावा किया गया है कि राजस्थान सरकार ने जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन मंगवा ली, लेकिन अब स्टोर करने की जगह न होने के कारण जयपुर में ऑक्सीजन को बर्बाद किया जा रहा है. पोस्ट में गृह मंत्रालय से मामले पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई है.
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. ये वीडियो जयपुर का ही है लेकिन पिछले साल जुलाई का है जब यहां पुलिया से टकराने के कारण अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर से रिसाव होने लगा था.
इस वीडियो को शेयर करते हुए और कैप्शन में लिख रहे हैं, "आज पूरे देश में जनता ऑक्सीजन के बिना मर रही है और यह कांग्रेस शासित राज्य मोदी सरकार से ऑक्सीजन की जरूरत से ज्यादा डिमांड करके मंगवा तो लिये पर उनके पास स्टोर करने की कोई जगह नहीं थी तो उन लोगों ने टैंकर खाली करने का नया तरीक ढूंढ लिया video जयपुर का है @HMOIndia कार्यवाई करें." वायरल पोस्ट का आर्काइव देखा जा सकता है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो को कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें ये वीडियो "First India News Rajasthan" के यूट्यूब चैनल पर मिला. खबर में बताया जा रहा है कि ये घटना 24 जुलाई 2020 को जयपुर के शिवदासपुरा में टोंक रोड पर हुई थी. टैंकर एक कम ऊंचाई वाली पुलिया के नीचे से निकल रहा था. पुलिया से टकराने पर टैंकर का ढक्कन खुल गया जिससे अमोनिया गैस लीक होने लगी. घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और मौके पर सिविल डिफेन्स और पुलिस पहुंच गई थी.
हालांकि, इस हादसे पर काबू पा लिया गया था और इसमें जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं आई थी. वीडियो का इस्तेमाल करते हुए और ने भी उस समय खबर छापी थी.
यहां इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वीडियो के साथ झूठा दावा किया जा रहा है. ये वीडियो लगभग एक साल पुराना है और इसमें लीक होते दिख रही गैस ऑक्सीजन नहीं बल्कि अमोनिया है.