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फैक्ट चेक: बीजेपी नेता मनोज तिवारी के नाम वायरल हो रहा यह पत्र है फर्जी

सोशल मीडिया पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी का हस्ताक्षर किया एक पत्र वायरल हो रहा है. पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को संबोधित कर लिखा गया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
दिल्ली चुनाव से पहले मनोज तिवारी ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख कर स्वीकार की हार.
फेसबुक यूजर
सच्चाई
वायरल हो रहा पत्र फर्जी है, मनोज तिवारी ने यह पत्र नहीं लिखा.

सोशल मीडिया पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी का हस्ताक्षर किया एक पत्र वायरल हो रहा है. पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को संबोधित कर लिखा गया है. इसमें कहा गया है कि दिल्ली चुनाव पर आंतरिक सर्वे के अनुसार बीजेपी की हार दिखाई दे रही है, ऐसे में प्रदेश से पार्टी के शीर्ष नेताओं को दूर रखना उचित होगा ताकि चुनाव हारने पर उन पर कोई सवाल न उठें.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल हो रहा पत्र फर्जी है, मनोज तिवारी ने पार्टी अध्यक्ष को यह पत्र नहीं लिखा है. पोस्ट का

फेसबुक पेज "Arvind Kejriwal Fans" ने इस पत्र को शेयर किया जिसके ऊपर की तरफ लिखा गया है, "भाजपा का आंतरिक पत्र हुआ लीक" जबकि नीचे की तरफ लिखा हुआ है "चुनाव से पहले ही मनोज तिवारी ने ली हार की जिम्मेदारी". पत्र पर पड़ी तारीख के मुताबिक इसे 2 फरवरी को लिखा ​गया है.

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 इसी तरह के दावों के साथ यह पत्र फेसबुक पर और लोगों ने भी शेयर किया है.

वायरल पोस्ट में किए जा रहे दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी का असली लेटर हेड ढूंढा. हमें 26 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा मनोज तिवारी का ही एक पत्र मिल गया.

यह पत्र बीजेपी के लेटर हेड पर लिखा गया था, जिसके नीचे मनोज तिवारी के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं. उन्होंने पत्र लिखकर पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस को देश में बाल दिवस के रूप में मनाने की जगह सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे साहिबजादों की शाहदत के दिन को बाल दिवस के रूप में मनाए जाने का सुझाव दिया था.

. साथ ही बीजेपी विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह पत्र ट्वीट भी किया था.

वायरल पत्र और मनोज तिवारी की ओर से प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के लेटर हेड का मिलान करने पर हमने पाया-

1. दोनों ही लेटर हेड के ऊपर नजर आ रही भगवा व हरे रंग की पट्टी में काफी अंतर है. असली लेटर हेड में यह पट्टी पार्टी के चुनाव चिह्न के बायीं तरफ भी दिखती है, जबकि वायरल लेटर हेड पर कमल के फूल के बायीं तरफ जगह खाली है.

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2. असली लेटर हेड पर कमल का फूल सफेद रंग का है और इस पर काले रंगा का बॉर्डर है, जबकि वायरल लेडर हेड पर कमल का फूल भगवा व हरे रंग का है.

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3. असली लेटर हेड पर पार्टी का नाम व दिल्ली प्रदेश अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिखा गया है, जबकि वायरल लेटर हेड पर केवल हिंदी में ही पार्टी का नाम व दिल्ली प्रदेश लिखा गया है.

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4. असली लेटर हेड के नीचे बीजेपी स्टेट ऑफिस का पता- 14ए पंडित पंत मार्ग लिखा गया है, जबकि वायरल लेटर हेड के नीचे पार्टी के मुख्यालय का पता- पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग लिखा गया है. इसके अलावा असली लेटर हेड में पते के साथ कार्यालय के फोन नंबर भी दिए गए हैं, जबकि वायरल लेटर हेड पर कोई फोन नंबर नहीं दिया गया है.

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5. वायरल हो रहा पत्र असल में किसी पत्र की तस्वीर नहीं बल्कि सॉफ्ट कॉपी है. इस पर मनोज तिवारी के हस्ताक्षर भी डिजिटल हैं. अब तक किसी भी नेता ने ऐसी तस्वीर साझा नहीं की है जिसमें पार्टी के आधिकारिक लेटर हेड पर उनके डिजिटल सिग्नेचर हों. ऐसे में यह साफ हुआ कि वायरल हो रहा पत्र फर्जी है और फर्जी लेटर हेड पर तैयार किया गया है.

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