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फैक्ट चेक: क्या चीन में कोरोना वायरस से पीड़ित महिला को पुलिस ने मार दिया?

सोशल मीडिया पर चीन में फैले कोरोनावायरस से जुड़ी गलत सूचनाएं खूब वायरल हो रही हैं. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पहले भी कोरोनावायरस से जुड़ी फर्जी खबरों की पोल खोली है. अब इस रहस्यमयी बीमारी के बारे में सोशल मीडिया के बारे में एक नया दावा सामने आया है.

वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर

सोशल मीडिया पर चीन में फैले कोरोनावायरस से जुड़ी गलत सूचनाएं खूब वायरल हो रही हैं. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पहले भी कोरोनावायरस से जुड़ी फर्जी खबरों की पोल खोली है. अब इस रहस्यमयी बीमारी के बारे में सोशल मीडिया के बारे में एक नया दावा सामने आया है.

क्या है दावा

हाल ही में फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक महिला को कार से खींच कर जमीन पर गिराते हुए दिख रहे हैं. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि चीनी पुलिसकर्मियों ने कोरोनावायरस से संक्रमित एक महिला की हत्या कर दी.

फेसबुक पेज “Daily updates” ने यह वीडियो पोस्ट किया है और अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, जिसका हिंदी कुछ इस तरह होगा, “कोरोनावायरस से संक्रमित एक महिला को चीनी पुलिस ने सड़क पर मार डाला”.

1.32 मिनट लंबे इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी एक महिला को कार से बाहर खींच रहे हैं. पुलिस वाले महिला को जमीन पर गिराने और उस पर नियंत्रण करने की कोशिश करते हैं, तभी महिला निढाल हो जाती है. इसके बाद उसे उठाकर पुलिस वैन में ले जाते हुए देखा जा सकता है.

इस फेसबुक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

क्या है सच्चाई

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा झूठा है. वायरल वीडियो में दिख रही महिला कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं है. यह वीडियो चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत का है, जहां सरकार ने निजी कारों पर प्रतिबंध लगाया था. महिला को कोई नोटिस नहीं मिला था, इसलिए चीनी पुलिस ने उसे जबरदस्ती हिरासत में ले लिया.

यही पोस्ट कुछ अन्य फेसबुक यूजर जैसे “Aziz Lamin ” और “Rised SoLo ” आदि ने भी शेयर किया है.

फेसबुक पेज “Daily updates” की पोस्ट पर कुछ लोगों ने इस वीडियो के साथ किए गए दावे की सत्यता पर संदेह जाहिर किया है.

AFWA की पड़ताल

एक फेसबुक यूजर “Surjakanta Pukhrambam ” ने कमेंट बॉक्स में लिखा कि यह वीडियो हेइलोंगजियांग प्रांत का है जहां निजी कारों पर प्रतिबंध लगा था.

कुछ कीवर्ड्स की मदद से इं​टरनेट पर सर्च करने पर हमने पाया कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर 7 फरवरी, 2020 से वायरल है.

यूट्यूब अकाउंट “唯真不破Truth Wins ” ने यही वीडियो 7 फरवरी को अपलोड किया है और कैप्शन में लिखा है, “महिला को उसकी कार से पुलिस ने बाहर निकाला”.

यूट्यूब वीडियो में विस्तार से बताया गया है कि “चीन में हेइलोंगजियांग प्रांत की सरकार ने सभी निजी कारों को सड़क पर प्रतिबंधित किया है. एक महिला जिसे नोटिस नहीं मिला था, उसे पुलिस ने उसकी कार से बाहर निकाला” और हिरासत में ले लिया.

ट्विटर हैंडल @kiss486 ने भी यही वीडियो 7 फरवरी को ट्वीट किया है और चीनी भाषा में कैप्शन लिखा है.

इसका गूगल ट्रांसलेशन कहता है, “लगभग तीन घंटे पहले हेइलोंगजियांग ट्विटर से. हेइलोंगजियांग ने निजी कारों के सड़कों पर चलने को लेकर प्रतिबंध लगा दिया था. एक महिला सड़क पर ड्राइव कर रही थी, जिसे इसके बारे में जानकारी नहीं थी, उसे पुलिस ने रोका. महिला ने स्पष्ट रूप से सूचित किया था कि उसे जानकारी नहीं दी गई थी, फिर भी पुलिस ने उसे जबरन खींच लिया और वह जमीन पर गिर गई. उसे नहीं पता था कि पुलिस ने किन तरीकों का इस्तेमाल किया. महिला अचानक बेहोश हो गई और हिल भी नहीं पाई. पूरा चीन एक तरह की अशांत स्थिति में फंस गया है.”

हमें वायरल वीडियो का एक लंबा वर्जन चाइनीज यूट्यूब चैनल “看中國 Vision Times” से मिला. वीडियो के शुरुआती कुछ सेकंड में महिला को ड्राइवर के पास बैठे देखा जा सकता है, उसके चेहरे पर मास्क है और वह मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही है. पुलिस वाले बाहर इंतजार करते दिख रहे हैं.

उसके बाद कुछ पुलिस वाले महिला को कार से बाहर खींच लेते हैं. इस वीडियो का कैप्शन चाइनीज में हैं जिसका अनुवाद कुछ इस तरह है, “हेइलोंगजियांग प्रांत को बंद कर दिया गया है. निजी कारों के सड़क पर चलने पर प्रतिबंध है. महिला पुलिस का हिंसक रूप देखकर दंग रह गई और उसे पुलिस की कार से ले जाया गया क्योंकि इस बारे में उसे पता नहीं था!”

वायरल वीडियो के साथ यही खबर कई चाइनीज वेबसाइट जैसे “secretchina.com ”, “aboluowang.com ” और “ntdtv.com ”  पर भी मिली.

इन खबरों के मुताबिक, चीन ने हेइलोंगजियांग सहित कई प्रांतों में निजी कारों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस खास वीडियो में दिख रही महिला को इस प्रतिबंध संबंधी अधिसूचना के बारे में पता नहीं था, इसलिए पुलिसकर्मियों ने उसे कार से बाहर खींच लिया और उसे हिरासत में ले लिया.

खींचतान के दौरान महिला बेहोश हो गई और उसे एक दूसरी पुलिस वैन में ले जाया गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस हिंसक कार्रवाई के लिए पुलिस की आलोचना भी की. लेकिन ऐसी खबर हमें कहीं नहीं मिली कि किसी कोरोनोवायरस से संक्रमित महिला को पुलिस ने मार दिया हो.

हालांकि, हाल ही में चीन में कोरोनावायरस फैलने के बाद वहां से ऐसी तमाम खबरें आईं कि चीन में गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है. कोरोनोवायरस से निपटने के लिए कई राज्यों में नागरिकों की आवाजाही पर बड़े पैमाने पर पाबंदी के कारण चीन के लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं.

कोरोनावायरस की वजह से उत्पन्न संकट से जुड़ी इन खबरों को यहां और यहां देखा जा सकता है.

फैक्ट चेक

फेसबुक यूजर

दावा

चीन की पुलिस ने कोरोनावायरस से संक्रमित महिला को मार डाला.

निष्कर्ष

वायरल वीडियो में दिख रही महिला को हेइलोंगजियांग प्रांत में चीन की पुलिस ने यातायात पाबंदी का पालन न करने के लिए हिरासत में लिया था.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
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