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फैक्ट चेक: दिल्ली में नौकरी के बहाने हिंदू लड़कियों को अरब देशों में बेचा जा रहा है? स्क्रिप्टेड है ये वीडियो

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि स्क्रिप्टेड है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
दिल्ली में एक खास समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोग विदेशी कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के बहाने हिंदू महिलाओं को अपनी कंसल्टेंसी में बुलाते हैं और फिर धोखे से उन्हें अरब देशों में बेच देते हैं.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
जिस वीडियो के साथ ये दावा किया जा रहा है वो स्क्रिप्टेड है. इसे नवीन जांगड़ा नाम के यूट्यूबर ने बनाया है.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिये चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है दिल्ली में एक खास समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोग विदेशी कॉल सेंटर में नौकरी दिलाने के बहाने हिंदू महिलाओं को अपनी कंसल्टेंसी में बुलाते हैं और फिर धोखे से उन्हें अरब देशों में बेच देते हैं.

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वीडियो में एक फ्लैट में घुसकर एक आदमी को एक दूसरे युवक की पिटाई करते देखा जा सकता है. पीट रहे आदमी के साथ एक महिला भी है जो बता रही है कि इस फ्लैट में लड़कियों के साथ गलत काम होते हैं. आदमी भी युवक से पीटते हुए पूछ रहा कि उसने लड़कियों का कहां छुपा रखा है. इसके बाद ढूंढते हुए दो लड़कियां एक अलमारी में बंद मिलती हैं. वो बताती हैं कि ये लड़का उनसे गलत काम करवाता है.

फेसबुक पर वीडियो को शेयर करते हुए लोग कैप्शन ( https://bit.ly/3DE2t09 ) में लिख रहे हैं, “दिल्ली में विदेशी जॉब कॉल सेंटर में जॉब दिलाने के नाम पर कुछ तथाकथित लोग जो खुद एक खास समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जॉब कंसल्टेंसी एजेंसी चला रहे हैं, जिसमें वे नौकरी के बहाने सिर्फ हिंदू लड़कियों और महिलाओं को बुलाते हैं और उन सभी को अरब देशों में बेच देते हैं। आजकल हिंदू समाज की लड़कियों पर पश्चिमी संस्कृति का नशा चढ़ा हुआ है, इसलिए आज दिल्ली में एक संस्कारी युवक ने दिल्ली के ही एक घर से 3 लड़कियों को उठा लिया, देखिए सबकी क्या हालत है। इस वीडियो को अपने सभी कॉन्टैक्ट नंबर और ग्रुप में भेजें और हां इसे उन सभी लड़कियों के साथ शेयर करें जो पश्चिमी संस्कृति के दीवाने ऐसे भेड़ियों के जाल में फंस रही हैं.”

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वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि स्क्रिप्टेड है.

कैसे पता की सच्चाई?

अगर वीडियो को ध्यान से देखा जाए तो 0:11 के मार्क पर ही इसकी सच्चाई सामने आ जाती है. इस मार्क पर एक डिस्क्लेमर दिखाता है जिसमें लिखा है कि वीडियो मनोरंजन के लिए बनाया गया है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है.

वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर हमें इसका लंबा वर्जन “Naveen Jangra” नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 12 फरवरी 2023 को शेयर किया गया था. इस वीडियो में भी डिस्क्लेमर देखा जा सकता है कि इसे मनोरंजन के लिए बनाया गया है.

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इस चैनल के लगभग 8 लाख सब्सक्राइबर हैं और इस पर वायरल वीडियो जैसे कई स्क्रिप्टेड वीडियो मौजूद हैं.

और जानकारी के लिए हमने नवीन जांगड़ा से संपर्क किया. नवीन ने हमें बताया कि उन्होंने ये वीडियो मनोरंजन और जागरूकता फैलाने के मकसद से बनाया था. ये कोई असली घटना नहीं है. नवीन के मुताबिक, ये वीडियो उन्होंने दिल्ली में शूट किया था. ऐसे वीडियो वो पिछसे पांच सालों से बना रहे हैं.

नवीन का कहना था कि वीडियो में दिख रहे लोग पेड एक्टर्स हैं. इन लोगों को चैनल पर किए गए कुछ अन्य में भी देखा जा सकता है. 

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इस तरह ये बात साफ हो जाती है कि स्क्रिप्टेड वीडियो शेयर करके सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है. 

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