एजेंडा आज तक के छठे सत्र का मुद्दा रहा- 'तकनीक ने बदला जमाना'. बीएसएनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की और अपनी कंपनी के अनुभवों को भी शेयर किया. उन्होंने कहा तकनीक ने वाकई लोगों की दुनिया बदल दी है. सामान्य से सामान्य आदमी भी मोबाइल फोन के जरिए अमिताभ बच्चन से दोस्ती कर सकता है. सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि तकनीक के जरिए बहुत सारी समस्याओं को बहुत आसानी से दूर किया जा सकता है. हेल्थ से जुड़ी समस्याएं आप अपने स्मार्टफोन और इंटरनेट के जरिए दूर कर सकते हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ही अभी बताया था कि अगर आपके पास स्मार्टफोन हो तो आप अपने फोन से कचरे की तस्वीर खींचकर भेजिए और कचरा साफ कर दिया जाएगा.
अलवर के स्कूल में पढ़ाने वाला इमरान खान ने 50-55 एप बनाए हैं. प्रधानमंत्री ने लंदन में उनकी चर्चा की. अगले ही दिन हमने उनको ढूंढ निकाला और उनका सम्मान किया गया. हम लोगों ने उन्हें हमेशा के लिए एक फ्री ब्रॉडबैंड का कनेक्शन दिया है. अब ज्ञान आसानी से स्मार्टफोन और कंप्यूटर के जरिए इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध है. स्कूल, कॉलेज जाना जरूरी नहीं है.
सर्विस ऑपरेटरों से ग्राहकों की बढ़ती उम्मीदों के सवाल श्रीवास्तव ने माना कि इसमें कोई शक नहीं कि टेलीकॉम कंपनियों से ग्राहकों की उम्मीदें बढ़ रही हैं. मार्केट में इतनी सारी कंपनियां हैं तो निश्चित तौर पर ग्राहकों की उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक है. नंबर पोर्टेबिलिटी से उपभोक्ताओं को जरूर सुविधा मिली है, लेकिन जितनी भी टेलीकॉम कंपनियां हैं, उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है.