हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान मातूराम हलवाई की जलेबी चर्चा में बनी रही. कभी राहुल गांधी तो कभी नायब सैनी इस दुकान पर नजर आए. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने जलेबी के खूब मजे लिए और जमकर मीम्स बने. अब आजतक एजेंडा के सत्र "नेता 'धाकड़' है" में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आए तो फिर जलेबी का मुद्दा उठा.
नायब सिंह सैनी ने सुनाया जलेबी से जुड़ा किस्सा
नायब सिंह सैनी ने राहुल गांधी से जुड़ा जलेबी का किस्सा सुनाया. सैनी बोले- "पीएम मोदी गोहाना में आए थे. उनको जब छोड़कर हमलोग अपने प्रदेश अध्यक्ष के साथ लौटे तो मैंने कहा कि जलेबी खाने का मन कर रहा है. फिर वहां एक दुकान पर जाकर जलेबी खाई. वहां करीब 5-7 सौ लोग हमारे पास आ गए. फिर हम लोग उन लोगों से बात करने लगे और जलेबी खाते रहे. दूसरे दिन किसी ने राहुल गांधी की गाड़ी में जलेबी का डिब्बा रख दिया. राहुल गांधी भी जलेबी देखकर चौंक गया कि इतनी बड़ी भी जलेबी बनती है. इसके बाद उन्होंने अपनी दीदी से बात की. उन्होंने मंच से भी बताया कि हरियाणा में इतनी बड़ी जलेबी भी बनती है. इसके बाद उसकी कल्पना थी पूरी, उसने जलेबी की फैक्ट्री लगाने की बात की."
कैसे शुरू हुई जलेबी की कहानी
दरअसल, जलेबी की कहानी हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान शुरू हुई थी. राहुल गांधी यहां सभा करने पहुंचे थे और दिपेंद्र हुड्डा ने उन्हें मातू राम की जलेबी खरीदकर दी. राहुल को यह जलेबी बहुत पसंद आई तो उन्होंने अपने भाषण में इसका जिक्र किया था. राहुल गांधी ने कहा था कि अगर यह जलेबी किसी बड़े कारखाने में बने तो कई लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके साथ ही इसे अन्य जगहों पर निर्यात किया जा सकेगा. इससे अन्य लोग भी इस जलेबी के स्वाद का आनंद ले सकेंगे. जब चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस का मजाक बनना शुरू हुआ और जलेबी ट्रेंड करने लगी थी.
बीजेपी की जीत के बाद पार्टी ने उसी जलेबी को केंद्र में रखकर कांग्रेस पर तंज कसा था. फिर इसी जलेबी दुकान पर जाकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नया तड़का लगा दिया था. उन्होंने जीत के बाद जलेबी की दुकान पर जाकर जलेबियां बनाई थीं. फिर सीएम सैनी और बीजेपी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने साथ बैठकर जलेबियां खाईं. अब एजेंडा में मुख्यमंत्री सैनी ने जलेबी से जुड़ा नया किस्सा सुनाया.