पिछले दिनों अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने बयान को लेकर विवादों रहे. उन्होंने बुलंदशहर में हुई घटना को लेकर अपनी बात रखी थी. अब एक और वीडियो में नसीरुद्दीन शाह ने देश के माहौल पर सवाल उठाए हैं. इस वीडियो को मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंडिया ने टि्वटर पर शेयर किया है.
नसीरुद्दीन शाह वीडियो में कह रहे हैं- "हमारे आजाद मुल्क का संविधान 26 नवंबर 1949 को ग्रहण किया गया. शुरू के ही सत्रों में उसके उसूल लागू कर दिए गए, जिनका मकसद ये था कि हर नागरिक को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय मिल सके. सोचने की, बोलने की और किसी भी धर्म को मानने की या इबादत करने की आजादी हो. "
In 2018, India witnessed a massive crackdown on freedom of expression and human rights defenders. Let's stand up for our constitutional values this new year and tell the Indian government that its crackdown must end now.
— Amnesty India (@AIIndia)
“Hamara ghar hai, kaun Nikaal sakta hai hamey yahaan sey!!!!” More power to you sir ❣️
— Swara Bhasker (@ReallySwara)
नसीरुद्दीन शाह ने कहा-" हमारे मुल्क में जो लोग गरीबों के घरों को, जमीनों को और रोजगार को तबाह होने से बचाने की कोशिश करते हैं, करप्शन के खिलाफ आवाज उठाते हैं, ये लोग हमारे उसी संविधान की रखवाली कर रहे होते हैं. लेकिन अब हक के लिए आवाज उठाने वाले जेलों में बंद हैं. कलाकार, फनकार, शायर सबके काम पर रोक लगाई जा रही है. पत्रकारों को भी खामोश किया जा रहा है. "Cows are more safe in India than women and all minorities .
— Malik Ramzan Isra (@MalikRamzanIsra)
नसीर ने आगे कहा- " मजहब के नाम पर नफरत की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, मासूमों का कत्ल हो रहा है, पूरे मुल्क में नफरत और जुल्म का बेखौफ नाच जारी है. इन सबके खिलाफ आवाज उठाने वालों के दफ्तरों पर रेड डालकर, लाइसेंस कैंसिल करके, उनके बैंक अकाउंट फ्रीज करके, उन्हें खामोश किया जा रहा है, ताकि वो सच बोलने से बाज आ जाएं. क्या हमने ऐसे ही मुल्क का ख्वाब देखा था, जहां मतभेद की कोई गुंजाइश न हो. जहां सिर्फ अमीर और ताकतवर की ही आवाज सुनी जाए. जहां गरीब और कमजोर को हमेशा कुचला जाए."
Dissent should be treated with respect and more seriously: Naseeruddin Shah's message to critics
— India Today (@IndiaToday)
Actor Emraan Hashmi on Naseeruddin Shah's remark: I am able to express what I am thinking right now. I think there is freedom of speech in our country, I am a bit ignorant of the controversy. So, it will be a bit irresponsible of me to speak on that.
— ANI (@ANI)
नसीरुद्दीन के बयान पर एक्टर इमरान हाशमी ने भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा- "मैं उसे जाहिर करने में सक्षम हूं, जो सोचता हूं. मुझे लगता है कि हमारे देश में बोलने की स्वतंत्रता है. मैं मौजूदा विवाद से अंजान हूं. इसलिए इस बारे में कुछ भी बोलना गैर जिम्मेदाराना होगा."
नसीर के इस बयान पर मचा था बवाल
नसीर ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि इस वक्त खराब माहौल है. आज देश में गाय की जिंदगी एक पुलिस अफसर की जान से ज्यादा हो गई है. इस बयान पर तमाम राजनीतिक दलों ने नसीर की आलोचना की थी. अनुपम खेर ने नसीर का विरोध किया था. हालांकि महेश भट्ट, आशुतोष राणा, स्वरा भास्कर ने नसीर का पक्ष लिया था.