बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर देखा गया है कि अगर हीरोइन के साथ कोई बेवफाई करता है तो दूसरा हीरो या तो उसे सहारा देता है या फिर उस बंदे को तबाह करने के लिए जी-जान से जुट जाता है. आने वाले दिनों में बॉलीवुड में कुछ ऐसा ही नजर आएगा.
जहां सलमान खान अपनी दोस्त का बदला बॉक्स ऑफिस पर रणबीर कपूर से लेते नजर आएंगे. वजहः कुछ समय पहले तक दोनों के प्रेम प्रसंग की खबरों से बाजार गर्म था और अखबार के पन्ने गुलजार थे और वेबसाइट्स पर इन खबरों को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा था. लेकिन प्रेम की इस जन्नत में फिल्मों से जुड़ी नाकामी रूपी सांप ने अपनी जगह बना ली और दोनों प्रेमियों की राहें जुदा हो गईं. कटरीना कैफ को फिर से अपने पुराने दोस्त की याद आई और दोस्त सलमान खान ने भी आगे बढ़कर उन्हें सहारा दिया और दिल खोलकर दोस्ती का इजहार किया.
को सहारा ही नहीं दिया, बल्कि में उन्हें रोल भी दिला दिया. मजेदार यह कि हमेशा त्योहारों के सहारे अपने नैया पार लगाने वाले सलमान खान ने 2017 के क्रिसमस वाले हफ्ते को अपनी फिल्म की रिलीज के लिए चुना. यही वह हफ्ता है जिस दिन रणबीर कपूर की संजय दत्त की जिंदगी पर आधारित बायोपिक को रिलीज किया जाना है (अभी तक की खबरों के मुताबिक). वैसे भी जैसे जब से रणबीर कपूर के पर्दे पर संजय दत्त का किरदार निभाने की बात चल रही है तब से संजय से भी सलमान दूरी बनाए हुए हैं. पहले दोनों ही कलाकारों में जबरदस्त ब्रोमांस देखने को मिलता था जो संजय के जेल से आने के बाद एकदम हवा है.
अब यह सलमान का एक तीर से दो निशाने का इरादा भी हो सकता है क्योंकि बॉलीवुड में वह कईयों को ठिकाने लगाते आए हैं, और इस बार वह अपनी एक फिल्म के जरिये दो लोगों को ठिकाने लगाने का इरादा रखते हों.
देखना यह भी है कि राजकुमार हिरानी की फिल्मों का रिकॉर्ड जबरदस्त रहा है. ऐसे में राजकुमार अपनी फिल्म की तारीख आगे बढ़ाते हैं या फिर सलमान से उलझने का इरादा करते हैं. सलमान एक बार जो सोच लेते हैं वह करके ही दिखाते हैं क्योंकि वह अपने जिगरी दोस्त शाहरुख खान की को पहले ही दर-बदर कर चुके हैं और एसआरके अपनी इस फिल्म को बचाने की हर कोशिश में जुटे हैं.
खराब समय के शिकार को होशियार हो जाना चाहिए क्योंकि सलमान खान का इरादा उन्हें बॉक्स ऑफिस पर धोबी पछाड़ के जरिए कटरीना वाले प्रसंग का हिसाब बराबर करने का भी हो सकता है. इसलिए हमें तो सलमान खान को लेकर पुलिस के बारे में कही जाने वाली यही कहावत ध्यान में आती है, 'न इनकी दोस्ती भली न दुश्मनी...'