भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' को सेंसर बोर्ड ने 'U' सर्टिफिकेट दिया है. 2 घंटे 10 मिनट और 53 सेकेंड की यह फिल्म सिनेमाघरों में 11 अप्रैल को रिलीज होगी. CBFC से अब फिल्म को क्लीन चिट मिल चुकी है. सुप्रीम कोर्ट से भी फिल्म के लिए रास्ता साफ हो चुका है.
मोदी बायोपिक का कांग्रेस शुरू से विरोध कर रही है. विपक्ष का आरोप है कि यह फिल्म आचार संहिता का उल्लंघन करती है और चुनाव से पहले इस फिल्म को रिलीज करने पर वोटर्स भाजपा की ओर आकर्षित होंगे. कंटेंट को लेकर विवाद के चलते मूवी की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी. मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "अगर पीएम नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को रिलीज होती है, तो इस संदर्भ में क्या करना है इसका फैसला चुनाव आयोग करेगा. चुनाव आयोग इस बात का निर्णय लेगा कि पीएम नरेंद्र मोदी किसी तरह की आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं कर रही."सुनवाई के दौरान कोर्ट में कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फिल्म से जुड़े आचार्य मनीष कुमार, संदीप सिंह, सुरेश ओबेरॉय और विवेक ओबेरॉय के बीजेपी, केंद्र और गुजरात सरकार के साथ रिश्तों की बात कही.: certified U by Indian censors on 9 April 2019. Approved run time: 130 min, 53 sec [2 hours, 10 minutes, 53 seconds].
— taran adarsh (@taran_adarsh)
2 बार टली रिलीज डेट:With all your blessings, support and love,today we have won in the Honorable Supreme Court! A humble thank you to all of you and to the Indian juidiciary 🙏 for upholding our faith in democracy! Thursday 11th April. Jai Hind🇮🇳 🇮🇳
— Vivek Anand Oberoi (@vivekoberoi)
नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म घोषणा किए जाने के बाद से लगातार विवादों में रही है. इलेक्शन कमीशन, सेंसर बोर्ड और कोर्ट से हरी झंडी मिलने के चक्कर में फिल्म की रिलीज डेट 2 बार टाली जा चुकी है. हालांकि अब ऐसा लगता है कि फिल्म के रिलीज होने की पूरी संभावनाएं बन गई हैं.