संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' विरोध और विवादों में घिरी हुई है. करणी सेना से लेकर कई संगठनों के निशाने पर फिल्म और उससे जुड़े लोग हैं. फिल्म की रिलीज रोकने को लेकर धमकियां तक दी जा रही हैं. फिल्म पर मौजूदा गतिरोध को लेकर इंडियन फिल्म्स एंड टीवी डायरेक्टर्स असोसिएशन के कन्विनर अशोक पंडित ने 'सांस्कृतिक आतंकवाद' कहा है.
एक इंटरव्यू में अशोक पंडित ने कहा, 'पूरी फिल्म इंडस्ट्री इस वक्त निशाने पर है. हमारे ऊपर हमले हो रहे हैं, हमें मारा जा रहा है, गालियां दी जा रही हैं. हम क्रिएटिव लोगों को धमकियां मिल रही हैं लेकिन ये तो हम तय करेंगे कि हमें क्या बनाना है या नहीं. इस तरह की स्थिति सांस्कृतिक आतंकवाद है'
Entire entertainment industry is under siege today, we are being terrorized,accused,beaten and abused. Threat warnings are being issued to creative people that we will decide what is to be made. This is cultural terrorism: Ashoke Pandit,Convener,IFTDA
— ANI (@ANI)
इससे पहले भी सोमवार को इंडियन फिल्म्स एवं टीवी निर्देशक असोसिएशन की तरफ से एक मीटिंग हुई थी. यह मीटिंग 'पद्मावती' विवाद को लेकर रखी गई थी. इस मीटिंग में सुधीर मिश्रा, अशोक पंडित, राहुल रवैल जैसी कई फिल्मी हस्तियां शामिल हुई थीं. मीडिया को बताया गया कि हम लोग भी पढ़े लिखे हैं. पूरी रिसर्च करने के बाद ही फिल्में बनाते हैं.
इससे पहले पद्मावती विवाद पर अशोक पंडित ने कहा था कि जो लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं उन लोगों को मैं बताना चाहूंगा कि हम लोग भी राष्ट्रीयता पर विश्वास रखते है पर राष्टीय सम्पति को नुक्सान नहीं पहुंचाते. यह कोई छोटी बात नहीं है कि फिल्म पद्मावती के समर्थन में फिल्म्स और टेलीविजन असोसिएशन एक साथ इकट्ठा हुआ है. हम लोग सिर्फ भंसाली के लिए यहां नहीं आए हैं. निशाना तो पूरा फिल्म उद्योग बना हुआ हैं.
बता दें कि पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस को लेकर विवाद था जिस पर मेकर्स की ओर से सफाई आ चुकी है. भंसाली ने हाल ही में सोशल मीडिया में एक बार फिर कहा कि फिल्म में इस तरह का कोई सीक्वेंस नहीं है. ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी है.