नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी फिल्म "ठाकरे" को लेकर चर्चा में हैं. शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के जीवन पर आधारित फिल्म को लेकर वे काफी उत्साहित भी हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि ठाकरे का रोल उनके 25 साल के करियर में किए गए संघर्ष का फल है. नवाज इससे पहले भी दशरथ मांझी के जीवन पर "मांझी द माउंटेन मैन" और मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर "मंटो" जैसी बायोपिक फ़िल्में कर चुके हैं.
ठाकरे बायोपिक में काम करने और सबसे मुश्किल सीन को लेकर नवाज ने एक इंटरव्यू में बात की. शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे एक इंटरव्यू में नवाजुद्दीन ने कहा, "ठाकरे पर उनके तीखे भाषणों के लिए कई मुकदमे हुए. उन पर जब एक कोर्ट केस हुआ था तो वो सीन करना मेरे लिए चुनौती थी. यह सीन मिनटों का एट-ए-स्ट्रेच है जिसे एक ही वक्त में शूट करना था, लेकिन स्क्रीन पर इसे टुकड़ों में दिखाया जाएगा. ये सीन मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था."
View this post on Instagram
View this post on Instagram
View this post on Instagram
View this post on Instagram
बाल ठाकरे के किरदार के लिए नवाज ने खास तैयारी की. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि ठाकरे के 40, 50, 60 और 70 के दशक के लुक्स को दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक मेकअप तकनीक का सहारा लिया गया. नवाजुद्दीन के चेहरे को ठाकरे जैसा बनाने के लिए डेढ़ घंटे का वक्त लगता था. उन्होंने ठाकरे के बारे में काफी रिसर्च किया और उनके कई भाषण और वीडियो देखे.
ठाकरे देशभर में इस शुक्रवार रिलीज हो रही है. मुंबई में सुबह का भी शो रखा गया है. आईमैक्स वडाला ने फिल्म का पहला शो सुबह 4.15 बजे रखा है. ये पहली बार होगा जब किसी हिंदी फिल्म का शो इतनी सुबह रखा जा रहा है. इस फिल्म में अमृता राव भी अहम किरदार में नज़र आएंगी. उन्होंने ठाकरे की पत्नी का किरदार निभाया है.
ठाकरे का निर्देशन अभिजीत पानसे ने किया है. ये फिल्म दो भाषाओं, मराठी और हिंदी बनी है. फिल्म में बाला साहेब ठाकरे के एक कार्टूनिस्ट से महाराष्ट्र के कद्दावर नेता बनने तक के सफर को दिखाया जाएगा.