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पाकिस्तान में क्यों दिखाते हो इंड‍ियन फ‍िल्में, बोले PAK एक्टर फहाद मुस्तफा, धुरंधर क्रेज से लगा शॉक

पाकिस्तानी सिनेमा के फेमस एक्टर फहद मुस्तफा और मेहविश हयात इन दिनों अपनी नई फिल्म 'जॉम्बीएड' को लेकर चर्चा में हैं. इस बीच उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों को लेकर बात की है.

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बॉलीवुड पर बोला पाकिस्तानी एक्टर (Photo: YT/Filmwala Pictures/@jiostudios)
बॉलीवुड पर बोला पाकिस्तानी एक्टर (Photo: YT/Filmwala Pictures/@jiostudios)

पाकिस्तानी सिनेमा के मशहूर चेहरे फहद मुस्तफा और मेहविश हयात इन दिनों अपनी नई फिल्म 'जॉम्बीएड' को लेकर काफी चर्चा बटोर रहे हैं. अपनी इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में दोनों कलाकार पाकिस्तान के मशहूर जियो टीवी के सीनियर जर्नलिस्ट हामिद मीर के टॉक शो में पहुंचे. हालांकि मजे की बात ये रही कि अपनी फिल्म का प्रमोशन छोड़ शो पर इंडियन फिल्मों पर ही बात होने लगी.

इस इंटरव्यू के दौरान फिल्म 'धुरंधर' का जिक्र हुआ. जिसने देखने के लिए पूरे पाकिस्तान में क्रेज देखने को मिला. एक्टर फहद मुस्तफा ने इस दौरान भारत की फिल्मों और ओटीटी कंटेंट पर पाकिस्तान में बैन या सेंसरशिप लगाने की वकालत कर दी. उन्होंने साफ कहा कि जब भारत में पाकिस्तानी कलाकारों, फिल्मों और यहां तक कि सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पाबंदी है, तो पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट को बिना किसी रोक-टोक के क्यों परोसा जा रहा है?

इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' पर निशाना साधते हुए फहद मुस्तफा से पूछा कि आजकल भारत में पाकिस्तान, कराची और वहां के इलाकों (जैसे लियारी) को केंद्र में रखकर जो फिल्में बनाई जा रही हैं, उनमें इतना झूठ क्यों दिखाया जाता है? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान को इसका मुकाबला करने के लिए खुद फिल्में बनानी चाहिए या इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर देना चाहिए?

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पूरा परिवार इंडियन फिल्में देख रहा- फहद
इस पर एक्टर फहद मुस्तफा ने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि भारत हमारा कोई भी कंटेंट अपने यहां रिलीज नहीं होने देता. न तो वहां की थिएटर्स में और न ही नेटफ्लिक्स या अमेजन जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर हमारे कंटेंट को जगह मिलती है. वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान में नेटफ्लिक्स बिना किसी सेंसरशिप के धड़ल्ले से चल रहा है. भारत की जो फिल्में हमारे देश के खिलाफ गलत जानकारी और प्रोपेगैंडा फैलाती हैं, उन्हें पाकिस्तान में महज 500 रुपये के सब्सक्रिप्शन पर पूरा परिवार देख लेता है. फहद ने कहा कि इसमें भारत की गलती नहीं है, बल्कि कोताही हमारी अपनी सरकार और सिस्टम की है, जो इस पर कोई लगाम नहीं लगा रहे हैं.'

वहीं  जब एंकर ने पूछा कि अगर पाकिस्तानी फिल्में भारत में नहीं चल सकतीं, तो भारत की फिल्में (पंजाबी फिल्में) पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में क्यों रिलीज होती हैं? इस पर फहद ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं थी कि भारत की फिल्में यहां चल रही हैं. उन्होंने अपना दर्द शेयर करते हुए बताया कि भारत में उनके इंस्टाग्राम और ट्विटर (एक्स) अकाउंट तक बैन हैं, वहां उनकी आवाज तक नहीं सुनी जाती.

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फहद ने 'द लेजेंड ऑफ मौला जट्ट' फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि जब इतनी बड़ी और ऐतिहासिक पाकिस्तानी फिल्म को भारत में रिलीज नहीं होने दिया गया, तो हमें समझ जाना चाहिए था कि वो हमारे साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहते. यह कोई 'वन-साइडेड लव अफेयर' नहीं हो सकता, बल्कि 'टू-वे ट्रैफिक' होना चाहिए. अगर आप हमारी चीज चलाएंगे, तभी हम आपकी चीज चलाएंगे.

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