कपिल शर्मा को हिंदुस्तान में कॉमेडी का किंग कहा जाता है. लेकिन वो अक्सर एक शख्स का नाम लेते हैं, जिसने दुनिया भर के कॉमेडी उस्तादों को हंसाने का हुनर सिखाया है. ये नाम है पड़ोसी मुल्क के फनकार अमानुल्लाह खान. खान साहब को दुनिया से गए 6 बरस बीत गए. लेकिन उनका नाम और काम आज भी चर्चा में रहता है. कई बड़े सितारे उनके नाम का जिक्र करते हुए ये बताते हैं कि उनके जैसा फनकार सदी में कोई एक ही होता है.
अमानुल्लाह खान का जिक्र आज के वक्त में होना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि माइक पकड़कर गालियां, डबल मीनिंग बातों को कहने वाले लोग खुद को आज के समय का कॉमेडी किंग कहने लगे हैं. उनका काम कितना शानदार है इसकी कैल्कुलेशन भी व्यूज और लाइक से लगाई जाती है. व्यूज लाइक गेम में जाएं तो ये अश्लील वीडियोज पर भी आ ही जाते हैं. खैर ये विवाद का विषय हमेशा रहेगा. लेकिन आज की जेनरेशन को ये जरूर जानना चाहिए कि अमानुल्लाह खान कौन थे.
अमानुल्लाह खान पाकिस्तान के लाहौर में हुआ. घर में पिता और बहनें थी. वो घर के बड़े बेटे थे. मां का साया बचपन में सिर से उठ गया था. ऐसे में घर चलाने का जिम्मा उनके कंधों पर भी आया था. पिता की मदद करने के लिए उन्होंने कई तरह के काम किए. सड़कों पर बन मस्का बेचा, कॉटन कैंडी बेचने का काम किया. तसबीह बेचने का काम भी कई मजारों के पास किया. 14 बरस की उम्र में जिंदगी मुश्किल थी, तो खान साहब ने डटकर सामना भी किया.
कैसे शुरू हुआ सफर
अब बात ये आई कि लाहौर कि सड़कों पर फुटकर सामान बेचने वाला इतना बड़ा फनकार कैसे बना. तो ये सफर शुरू हुआ मिमिक्री करने से. कई बार यूं ही आते जाते लोगों की मिमिक्री करते हुए अमानुल्लाह खान को हर किसी ने देखा था. एक दिन उन पर स्टेज ड्रामा प्रोड्यूसर इकबार अफानदी की नजर पड़ी. उन्होंने अपने स्टेज शो सिक्सर में काम करने का ऑफर दिया. यहीं से अमानुल्लाह खान के करियर का लगा सिक्सर. शो जबरदस्त हिट हुआ. एक वक्त तो ऐसा आया कि उनके करीबी उनका नाम कॉमेडी की सुनामी कहकर बुलाते थे.
पिता की मौत की खबर मिली मगर अमानुल्लाह खान नहीं रुके
उनकी कॉमेडी की अदा बहुत अलग थी. उन्होंने लॉफ्टर शो में भी शिरकत की थी. लेकिन फनकार का कद तब और बड़ा हो जाता है जब वो खुद से भी उपर अपनी कला को रखता है. ऐसे एक नहीं कई इंसीडेंट हुए जब अमानुल्लाह खान ने ये साबित किया.
पहली घटना जब उनके पिता की मौत हुई. ये खबर उन्हें लाइव शो परफॉर्म करते हुए मिली. वो अंदर से चीख चीखकर रो रहे थे. लेकिन शो को बीच में न रोका, न किसी को अपने दर्द की भनक लगने दी. वो हंसाते रहे, लोग तालियां बजाते रहे. एक बार तो अमानुल्लाह खान आर्ट काउंसिल में परफॉर्म कर रहे थे. जहां उन्हें खबर मिली की आपके घर में गन प्वाइंट पर लूट हुई है. उन्होंने बस इतना पूछा था कि मेरी बीवी बच्चे ठीक है? जैसे खबर मिली कि हां वो सुरक्षित है. उन्होंने शो चालू कर दिया. एक बार तो अमानुल्लाह खान खुले मंच में परफॉर्म कर रहे थे. खचाखच भीड़ थी. लोग बस उन्हें सुनने आए थे. तभी तेज बारिश हुई, एक पल को लगा शो रोकना पड़ेगा लेकिन न तो अमानुल्लाह खान साहब रुके और भीड़ से एक शख्स अपनी जगह से नहीं हिला. तेज बारिश में पूरा शो हुआ.
उनके हुनर को दुनिया ने सम्मान दिया. पाकिस्तान सरकार ने साल 2018 में प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस अवॉर्ड से नवाजा. अमानुल्लाह खान की पर्सनल लाइफ पर नजर डालें तो उन्होंने 3 शादियां की, 14 बच्चे हुए. सबको बेहतरीन तरबियत के साथ अच्छी एजुकेशन दी. 6 मार्च 2020 में अमानुल्लाह खान ने दुनिया को अलविदा कहा. उनके जाने पर फैंस ने कहा था. वो रोकर भी हमें हंसाता था. आज वो चुप है तो हमें रोना आ रहा है.