भारतीय फिल्म थिएटर्स में जिस तरह धुरंधर 2 की सुनामी चल रही है, उसके सामने किसी का भी आना दुस्साहस से कम नहीं है. लेकिन हॉलीवुड फिल्म प्रोजेक्ट हेल मैरी अब ऐसा करने का रिस्क ले रही है. 27 मार्च, शुक्रवार को ये फिल्म भारतीय थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है. खास बात ये है कि प्रोजेक्ट हेल मैरी, पहले 19 मार्च को धुरंधर के साथ ही रिलीज होने वाली थी.
धुरंधर 2 से होने वाले धमाकों का अनुमान देखते हुए इसकी रिलीज डेट टाली गई थी. लेकिन आखिरकार प्रोजेक्ट हेल मैरी को फाइनली धुरंधर 2 का सामना करना ही पड़ रहा है. लेकिन दुनिया भर में, भारत से एक हफ्ते पहले रिलीज हो चुकी इस फिल्म में बहुत सारी ऐसी चीजें हैं, जो इसे दर्शकों का फेवरेट बना रही हैं. कुछ दिन पहले इंडियन सुपरस्टार ऋतिक रोशन भी प्रोजेक्ट हेल मैरी प्रमोट करते नजर आए थे.
लंबे वक्त बाद एक सॉलिड साइंस-फिक्शन फिल्म
दुनिया भर की फिल्म इंडस्ट्रीज किसी भी मामले में हॉलीवुड का हाथ पकड़ सकती हैं, सिवाय एक के— साइंस फिक्शन. इंटरस्टेलर, 2001: अ स्पेस ओडिसी या अराइवल जैसी आइकॉनिक साइंस फिक्शन या स्पेस में बेस्ड फिल्में हॉलीवुड में हर दशक में बनती रही हैं. लेकिन 2020s में अभी तक कोई ऐसी खास साइंस-फिक्शन फिल्म नहीं आई है जिसका असर या पॉपुलैरिटी इन फिल्मों जैसी हो.
रायन गॉसलिंग स्टारर प्रोजेक्ट हेल मैरी, इस कमी को दूर कर रही है. ईसाई धर्म में हेल मैरी एक प्रार्थना है, जिसे सबसे कठिन समय में लोग याद करते हैं. ये असंभव के सामने एक आखिरी बार जुर्रत दिखाने का प्रतीक है. रायन की फिल्म में धरती पर एक ऐसा ही संकट आया है— हमारे सोलर सिस्टम का केंद्र, सूरज मरने वाला है. और सिर्फ यही नहीं, हमारे यूनिवर्स से लेकर सुदूर अंतरिक्ष तक के बड़े स्टार मरते जा रहे हैं.
वैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि ये कोई सोलर फिनोमीना है जिसकी वजह से स्टार्स मर रहे हैं. लेकिन धरती से सैकड़ों प्रकाश वर्ष दूर एक स्टार सही सलामत बचा हुआ है. सवाल ये है कि कैसे? यही जानने के लिए एक मिशन प्लान किया जाता है और इस मिशन के लिए एक कॉलेज प्रोफेसर को चुना जाता है. सिर्फ उसे ही क्यों चुना जाता है, ये कहानी फिल्म में मिलेगी.
फिल्म का ट्विस्ट ये है कि एक दिन एक स्पेसशिप में ये प्रोफेसर बेहोशी से उठता है, तो उसे कुछ नहीं याद आता कि वो कहां है, क्यों है और कैसे है! प्रोजेक्ट हेल मैरी की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट है एक एलियन, जिसका नाम प्रोफेसर ने रॉकी रखा है. ये अभी तक फिल्मों में नजर आए एलियंस से बहुत ज्यादा अलग है. यानी प्रोजेक्ट हेल मैरी सिर्फ साइंस फिक्शन नहीं, स्पेस और एलियन की कहानी भी लेकर आ रही है. और फिल्म देखने का यही कारण अपने आप में बहुत बड़ा है.
बिना ग्रीन स्क्रीन के शूट, कठपुतली से बना एलियन
प्रोजेक्ट हेल मैरी का विजुअल एक्सपीरियंस भी अपने आप में बहुत शानदार बताया जा रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि ये मॉडर्न फिल्मों में पाई जाने वाली सबसे बड़ी बीमारी, ग्रीन-स्क्रीन से बच निकली. यानी इस फिल्म का संसार ग्राफिक इफेक्ट्स से नहीं, प्रैक्टिकल इफेक्ट्स से शूट किया गया है. जिस स्पेसशिप में प्रोफेसर का किरदार पूरी फिल्म में है, वो सेट पर रियल में बनाया गया सेट है. जब आप रायन गॉसलिंग को इस शिप में तारों और इक्विपमेंट के बीच देख रहे हैं, तो वो सच में इन चीजों के बीच में हैं.
प्रोजेक्ट हेल मैरी के सिनेमैटोग्राफर क्रिस्टोफर मिलर ने एक लंबी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि फिल्म शूट कैसे हुई. स्पेस के सीन्स, ब्लैक बैकग्राउंड के सामने शूट हुए हैं. प्रोजेक्ट हेल मैरी का एलियन रॉकी, कठपुतली से तैयार किया गया है. न्यू यॉर्क के जानेमाने पपेट आर्टिस्ट जेम्स ऑरटीज़ ने रॉकी का पपेट तैयार किया. इस पपेट के साथ एनिमेशन के इस्तेमाल से एलियन तैयार हुआ है.
प्रैक्टिकल इफेक्ट्स का सबसे बड़ा फायदा ये है कि लाइटिंग को सीन्स के हिसाब से कंट्रोल किया जा सकता है. ये सारी मशक्कत इसलिए की गई ताकि फिल्म में जो संसार दिखे उसका फील सिंथेटिक न लगे. सीन्स में गहराई हो, एक्टर का चीजों को छूना रियल लगे और विजुअल्स का टेक्सचर रियल लगे. कंप्यूटर पर तैयार इफेक्ट्स से फिल्म के विजुअल और लाइटिंग फ्लैट न लगें.
प्रोजेक्ट हेल मैरी में VFX का इस्तेमाल केवल विजुअल्स को रिफाइन करने और पपेट के कंट्रोल वगैरह को सीन्स से हटाने के लिए किया गया है. फिल्म का संसार VFX पर तैयार नहीं है. ऊपर से फिल्म IMAX फॉर्मैट के लिए, अरी एलेक्सा 65 कैमरा से शूट की गई है, जो लार्ज सेंसर वाला शानदार कैमरा है. पिक्चर में अलग-अलग एस्पेक्ट रेश्यो इस्तेमाल हुए हैं, जो सीन्स को और शानदार बनाते हैं.
2026 के सबसे बड़े हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में से एक
प्रोजेक्ट हेल मैरी सिर्फ थिएटर में जाकर नहीं, बड़ी से बड़ी स्क्रीन पर जाकर देखने लायक फिल्म है. और इसे ये सारी क्वालिटी देने में मेकर्स ने करीब 200 मिलियन डॉलर यानी ऑलमोस्ट 2000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. बीते वीकेंड वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर 2 दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म थी, 81 मिलियन डॉलर ग्रॉस कलेक्शन के साथ. उस समय दुनिया की टॉप फिल्म प्रोजेक्ट हेल मैरी थी, जिसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन ऑलमोस्ट 141 मिलियन डॉलर था.
इसमें भारत का कंट्रीब्यूशन नहीं था क्योंकि प्रोजेक्ट हेल मैरी के मेकर्स ने धुरंधर 2 के सामने पड़ना ठीक नहीं समझा. इंडियन जनता में भी प्रोजेक्ट हेल मैरी को लेकर काफी एक्साइटमेंट नजर आ रही है. देखना है कि धुरंधर 2 के भौकाल के बीच इस शानदार हॉलीवुड फिल्म को कैसी ऑडियंस मिलती है.