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Film Review: घिसी-पिटी कहानी और भूले बिसरे सस्पेंस से भरपूर है मशीन

'खिलाड़ी', 'बाजीगर' जैसी कई थ्रिलर और सस्पेंस से भरपूर फिल्में देने के बाद अब अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने एक और थ्रिलर फिल्म बनाई है जिसका नाम 'मशीन' है. इसमें किआरा आडवाणी के साथ अब्बास बर्मनवाला के बेटे मुस्तफा लीड रोल में है. क्या एक बार फिर से अब्बास-मस्तान का जादू दर्शकों को भाएगा? जानिए कैसी है यह फिल्म और कैसी है इसकी कहानी...

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अब्बास-मस्तान, किआरा आडवाणी, मुस्तफा
अब्बास-मस्तान, किआरा आडवाणी, मुस्तफा

फिल्म का नाम: मशीन
डायरेक्टर: अब्बास मस्तान
स्टार कास्ट: मुस्तफा, किआरा आडवाणी, रोनित रॉय, दिलीप ताहिल
अवधि: 2 घंटा 28 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 1.5 स्टार
'खिलाड़ी', 'बाजीगर' जैसी कई थ्रिलर और सस्पेंस से भरपूर फिल्में देने के बाद अब अब्बास-मस्तान की जोड़ी ने एक और थ्रिलर फिल्म बनाई है जिसका नाम 'मशीन' है. इसमें किआरा आडवाणी के साथ अब्बास बर्मनवाला के बेटे मुस्तफा लीड रोल में है. क्या एक बार फिर से अब्बास-मस्तान का जादू दर्शकों को भाएगा? जानिए कैसी है यह फिल्म और कैसी है इसकी कहानी...

कहानी:
यह कहानी हिमाचल प्रदेश से शुरू होती है, जहां कॉलेज में पढ़ाई कर रही सारा थापर (किआरा आडवाणी) की मुलाकात रंच (मुस्तफा) से होती है. कॉलेज के दौरान ही कार रेसिंग करते हुए दोनों के बीच में अलग तरह का संबंध बन जाता है. कहानी में सारा के पिता (रोनित रॉय) की एंट्री होती है. धीरे-धीरे दोनों के बीच में प्यार पनपता है और शादी हो जाती है. लेकिन शादी के बाद ही कहानी पूरी तरह से घूम जाती है और दिलीप ताहिल के साथ-साथ कुछ और किरदारों के आने से ट्विस्ट और टर्न्स आते जाते हैं और आखिरकार फिल्म को एक अब्बास-मस्तान स्टाइल वाला अंजाम मिलता है.


कमजोर कड़ियां:
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी है जो कि खिलाड़ी और बाजीगर की याद दिलाती है. कार रेसिंग से लेकर मर्डर मिस्ट्री तक काफी हद तक उन्हीं फिल्मों की याद आती है, जिसकी वजह से तुलना होना जायज है. कहानी और बेहतर की जा सकती थी. फिल्म की रिलीज से पहले इसके गाने भी ज्यादा हिट नहीं हो सके जिसका खामियाजा भी फिल्म की ओपनिंग और रन पर पड़ सकता है.

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फिल्म की लोकेशंस और कैमरा वर्क कमाल का है लेकिन एक समय पर जिस तरह के ट्विस्ट और टर्न्स पर दर्शक सन्न रह जाते थे आज उसी तरह के ट्विस्ट पर हंसी आ रही है, और दिमाग में पहले से ही ऐसा चलने लगता है कि जो हो रहा है शायद वो आगे बिल्कुल न हो. फिल्म की लेंथ भी काफी बड़ी है और बड़े-बड़े गाने इसे और गड़बड़ करते हैं. इस वजह से बोरियत महसूस होने लगती है, जिसे छोटा किया जा सकता था.

क्यों देखें फिल्म:

बॉक्स ऑफिस:
फिल्म की शूटिंग ज्यादातर जॉर्जीया में की गई है, जिसकी वजह से बजट बड़ा होगा और देखना ये खास होगा कि फिल्म किस तरह से लागत की रिकवरी करेगी.

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